आंबेडकर के नाम पर सियासी विवाद: भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 4, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

आंबेडकर के नाम पर सियासी विवाद: भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-  डॉ. बीआर आंबेडकर के नाम पर एक बार फिर सियासी विवाद शुरू हो गया है, और यह विवाद अब भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी का कारण बन चुका है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान के बाद से यह मुद्दा और भी गरमाया है। दिल्ली से शुरू हुआ यह विवाद अब महाराष्ट्र तक फैल चुका है, जहाँ भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है।

गुरुवार को महाराष्ट्र के भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुंबई में कांग्रेस के कार्यालय पर तोड़फोड़ की और नारेबाजी की। उनका आरोप था कि कांग्रेस आंबेडकर के योगदान को नजरअंदाज कर रही है और उनका अपमान कर रही है। जब स्थिति बिगड़ी, तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह का बयान

यह सियासी विवाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान से शुरू हुआ। मंगलवार को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा करते हुए शाह ने डॉ. आंबेडकर को लेकर कुछ टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा, “आजकल आंबेडकर का नाम बहुत लिया जा रहा है। अगर लोग भगवान का नाम इस तरह लेते, तो सात जन्मों तक स्वर्ग में रहते। कांग्रेस का आंबेडकर के प्रति रुख मैं बताता हूं।”

अमित शाह ने यह भी कहा कि डॉ. आंबेडकर ने भारत की पहली कैबिनेट से इस्तीफा क्यों दिया था। उनका इस्तीफा अनुसूचित जनजातियों से दुर्व्यवहार, अनुच्छेद 370 और विदेश नीति से असहमतियों के कारण था। शाह ने यह आरोप भी लगाया कि पंडित नेहरू ने आंबेडकर के इस्तीफे पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि राजाजी के जाने से फर्क पड़ेगा, लेकिन आंबेडकर के जाने से कोई असर नहीं होगा।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

अमित शाह के बयान के बाद कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा जानबूझकर आंबेडकर के नाम का राजनीतिक फायदा उठा रही है। पार्टी का कहना है कि शाह का बयान आंबेडकर की विरासत और योगदान को गलत तरीके से पेश करने की कोशिश है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि भाजपा अपने राजनीतिक फायदे के लिए आंबेडकर के नाम का इस्तेमाल कर रही है, जबकि उनकी नीतियां और कार्य उनके योगदान के खिलाफ हैं।

यह विवाद अब एक बड़ा सियासी मुद्दा बन चुका है और इसके बारे में और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं। आंबेडकर की विरासत पर इस तरह का विवाद राजनीति में गहरी चर्चा का कारण बन चुका है, और इसका प्रभाव आगामी चुनावों में भी देखा जा सकता है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox