भाजपा के सिर फिर से सजेगा ताज, अतिम शाह के खासमखास ने जीत कर दी पक्की

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
July 2, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

भाजपा के सिर फिर से सजेगा ताज, अतिम शाह के खासमखास ने जीत कर दी पक्की

मानसी शर्मा /- महाराष्ट्र में एक बार फिर महायुति गठबंधन सरकार बनाने की ओर अग्रसर है। रुझानों में महायुति को 220 सीटें मिलती हुई दिखाई दे रही है। वहीं, महायुति में एक बार फिर से भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर ऊभरी है। बता दें कि अभी तक के ताजा रुझानों में भाजपा को 125 सीटों पर बढ़त है। इसके बाद से भाजपा के कार्यकर्ताओं का जोश हाई है लेकिन, क्या आपको पता है भाजपा के शानदार प्रदर्शन के पीछे अमित शाह के दो बड़े खिलाड़ी का हाथ है।

अमित शाह के दो भरोसेमंद ने कर दिया खेला

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अश्विनी वैष्षण और भूपेद्र यादव को प्रभारी बनाया था। इन दोनों नेताओं ने लगातार महाराष्ट्र में डेरा जमाए रखा और दिन-रात चुनाव प्रचार किया। बता दें कि भूपेद्र यादव को अमित शाह का करीबी नेता बताया जाता है। वह लंबे समय तक बिहार के प्रभारी रहे हैं। इसके अलावा, उनकी पकड़ उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी है। वहीं, अश्विनी वैष्षण पीएम मोदी के खासमखास है। वह केंद्रीय सूचना मंत्री के साथ-साथ रेलवे मंत्री हैं।

महायुति में भाजपा की ताकत बढ़ी

भाजपा ने विपक्ष को तो दिखा ही दिया कि वह अपने बलबूते पर भी चुनाव जीतने का दम रखती। साथ ही महायुति के साथियों को भी संदेश दे दिया है कि गठबंधन में बड़ा भाई मैं ही हूं। बता दें कि अभी तक के रुझानों के मुताबिक, भाजपा को 125, शिवसेना( शिंदे गुट) 55 और एनसीपी ( अजित गुट) 37 सीटों पर आगे है। ऐसे में अगर महायुति में भाजपा ने सीएम पद के लिए दावेदारी पेश कर दी, तो बड़ी बात नहीं होगी। इसी बीच देवेद्र फडणवीस के नाम पर चर्चा होने लगी है।

भतीजे के सामने शरद पवार ने टेके घुटने

इसके अलावा महायुति के अन्य दल की बात करे तो एनसीपी ( अजित गुट) ने अपना दम दिखाया है। बता दें कि अजित गुट ने अभी तक 37 सीटों पर बढ़त बना ली है। इसका मतलब संकेत साफ है कि जनता ने अजित गुट पर भरोसा जताया है। वहीं, एनसीपी (शरद पवार) केवल 11 सीटों पर आगे है। अजित पवार खुद अपनी बारामती सीट से 11 हजार वोटों से आगे चल रहे हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox