” मैं अपने शब्द वापस लेती हूं…”, कंगना का ‘यू-टर्न’ सियासी मजबूरी या आलाकमान का फरमान?

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November 8, 2026

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 ” मैं अपने शब्द वापस लेती हूं…”, कंगना का ‘यू-टर्न’ सियासी मजबूरी या आलाकमान का फरमान?

मानसी शर्मा /-    अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वालीं भाजपा सांसद और अभिनेत्री एक बार फिर चर्चाओं में हैं। इस बार उन्होंने किसानों पर दिए बयानों से यू-टर्न ले लिया है। उन्होंने एक पोस्ट भी सोशल मीडिया पर जारी किया है। उन्होंने कहा कि मैं कृषि कानूनों के संबंध में अपनी पार्टी के साथ खड़ी हूं। मैं अपने शब्द वापस लेती हूं।

कंगाना रनौत ने कहा कि मुझे अब ध्यान रखना चाहिए कि मैं अब भाजपा कार्यकर्ता हूं। साथ ही कलाकार भी हूं। मेरे विचार अपने नहीं होने चाहिए। वो पार्टी का स्टैंड होना चाहिए। अगर मेरे शब्दों ने किसी को निराश किया है तो मुझे खेद है। मैं अपने शब्द वापस लेती हूं।                

क्या कहा था कंगना रनौत ने ?                          

बता दें कि कंगना रनौत हिमाचल के मंडी से भाजपा सांसद है। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में मीडिया से बात की थी। उस दौरान उन्होंने कहा था कि तिनों कृषि कानूनों को वापस लाना चाहिए। किसानों को खुद इसकी मांग करनी चाहिए। कंगना ने कहा था कि तीनों कानून किसानों के लिए फायदेमंद है। कुछ राज्यों के किसानों के विरोध के कारण सरकार ने कानून वापस ले लिया। उन्होंने कहा था कि किसान देश का स्तंभ हैं। मैं उनसे कृषि कानूनों को वापस मांग करने की अपील करती हूं।

कांग्रेस ने साधा था निशाना            

कंगना रनौत के बयान पर कांग्रेस हमलावर हो गई थी। कांग्रेस ने कहा कि अब भाजपा के सांसद फिर से कानून वापस लाने की मांग कर रही हैं। कांग्रेस किसानों के साथ है। इन काले कानून की वापसी अब कभी नहीं होगी। चाहे पीएम मोदी और उनके सांसद कितना भी जोर लगा लें। कांग्रेस ने कहा कि देश के 750 से ज्यादा किसान शहीद हुए थे। तब जाकर मोदी सरकार की नींद खुली थी और ये तीनों कृषि कानून वापस हुए थे।

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