झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने दिया इस्तीफा, हेमंत सोरेन होंगे झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन के विधायक दल के नेता

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September 7, 2026

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झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने दिया इस्तीफा, हेमंत सोरेन होंगे झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन के विधायक दल के नेता

-बैठक में कांग्रेस के झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर भी हुए शामिल -असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा चंपई सोरेन के इस्तीफे पर सवाल उठाते हुए आए नजर

झारखंड/नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने इस्तीफा देने के बाद कहा ‘एक बैठक में यह तय किया गया है कि हेमंत सोरेन विधायक दल के नेता होंगे।’
झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। चंपई सोरेन ने पहले ही राज्यपाल से मुलाकात के लिए समय मांगा था। राज्य की राजनीति में हलचल की सुगबुगाहट आज दोपहर से ही तेज हो गई थी। अब मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के इस्तीफे के साथ ही यह तय हो गया है कि हेमंत सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) गठबंधन के विधायक दल के नेता होंगे। राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के बाद चंपई सोरेन ने कहा, ‘बैठक में हेमंत सोरेन को विधायक दल का नेता चुना गया है। इसे लेकर सभी विधायकों ने सहमति जताई है। जब नेतृत्व परिवर्तन हुआ था, तो मुझे चुना गया। राजनीतिक घटनाक्रम क्या है, ये आप सब जानते हैं। हमारे गठबंधन में हम सभी ने फिर से निर्णय लिया है कि हेमंत सोरेन हमारे नेता होंगे। मैंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हमने अपने गठबंधन के निर्णय के अनुसार काम किया है।’ आपको बता दें कि दो फरवरी को चंपई सोरेन ने झारखंड के बारहवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
चंपई सोरेन के आवास पर हुई थी बैठक
इससे पहले चंपई सोरेन के आवास पर विधायकों की बैठक हुई। बैठक में तय किया गया है कि हेमंत सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक दल के नेता होंगे। बैठक में कांग्रेस के झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर, प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के अलावा हेमंत सोरेन के भाई बसंत सोरेत और पत्नी कल्पना सोरेन भी शामिल थे।

28 जून को जेल से रिहा हुए थे हेमंत सोरेन
पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 28 जून को करीब पांच महीने बाद जेल से रिहा किया गया था। जमीन घोटाले से जुड़े धन शोधन के मामले में अदालत से जमानत मिलने बाद उन्हें जेल से रिहा किया गया। हेमंत ने 31 जनवरी को गिरफ्तार होने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था।

वरिष्ठ आदिवासी नेता को पद से हटाना दुखद- हिमंत बिस्व सरमा
उधर, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने चंपई सोरेन के इस्तीफे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा ‘झामुमो और कांग्रेस द्वारा झारखंड में एक वरिष्ठ आदिवासी नेता को मुख्यमंत्री पद से हटाना बेहद दुखद है। मुझे यकीन है कि झारखंड के लोग इस कार्रवाई का विरोध करेंगे।’

निशिकांत दुबे ने भी साधा निशाना
उधर भारतीय जनता पार्टी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ‘झारखंड में चंपई सोरेन युग समाप्त हो रहा है। परिवार पर केंद्रित पार्टी में बाहर के लोगों का कोई राजनीतिक भविष्य नहीं है। मैं उम्मीद करता हूं कि चंपई सोरेन भगवान बिरसा मुंडा से प्रेरणा लेंगे और हेमंत के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे।’

झारखंड भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी का कहना है कि शिबू सोरेन के परिवार से बाहर के आदिवासी लोग जेएमएम के अस्थाई सदस्य हैं। यह परिवार जरूरत पड़ने पर ही बाहरी लोगों का इस्तेमाल करता है।

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