मोदी की गारंटी नही होती तो मध्यप्रदेश व दूसरे राज्यों में नही आ पाती भाजपा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 6, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

मोदी की गारंटी नही होती तो मध्यप्रदेश व दूसरे राज्यों में नही आ पाती भाजपा

-सीएम शिवराज के 12 मंत्री हारने में दिख रहे साफ संकेत, जनता ने शिवराज को नही मोदी को वोट दिया

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- 2024 लोकसभा चुनावों का सेमीफानल कहे जाने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का परिणाम आ गया है। इसमें भाजपा ने तीन बड़े राज्यों में बाजी मार ली है। जबकि दो राज्यों मिजोरम व तेलंगाना में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। वहीं चुनाव परिणामों से पहले व भ्रामक चुनावी सर्वेक्षणों के तहत कांग्रेस बढ़चढ़ कर भाजपा पर हमलावर थी और सभी पांचों राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनने का दावा कर रही थी। साथ ही इन चुनावों को 2024 में होने वाले लोक सभा चुनावों का सेमीफाइनल भी बता रही थी। लेकिन जैसे ही चुनाव परिणाम सामने आये तो कांग्रेस की बोलती बंद हो गई है और फिर से आईएनडीआईए की शरण में जाने की तैयारी कर रही है। लेकिन अगर चुनाव परिणामों पर नजर डाले तो ऐसा कहीं भी नही प्रतीत होता की यह भाजपा की जीत है, यह सिर्फ मोदी की गांरटी की जीत दिखाई देती है। मध्यप्रदेश में तो जनता ने शिवराज सिंह के 12 कैबिनेट मंत्रियों को हराकर यह साबित भी कर दिया है।

बात मध्यप्रदेश की करते है। यह तो समझ में आ गया कि चुनावी सर्वेक्षण भी गलत हो सकते है। लेकिन यह कैसे समझें कि मोदी की गारंटी फेल नही हो सकती। वैसे तो 2014 से अब तक लगातार मोदी ही भाजपा के सबसे बड़े खेवनहार रहे हैं। लेकिन उनका टीम वर्क भी इस जीत का श्रेय लेने का हकदार है। अर्थात् मोदी जी ने जो भी कहा उसे पूरा करने के लिए उनकी टीम ही पूरी निष्ठा से काम करती रही है। हालांकि मध्यप्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में राजनीतिक परिस्थितियां अलग-अलग थी लेकिन मोदी की गारंटी तीनों राज्यों में एक थी जिसके कारण जीत भाजपा की हुई। मध्यप्रदेश में इस बार शिवराज सिंह के नेतृत्व को लेकर लोग काफी खफा दिखाई दे रहे थे। राजनीतिक परिदृश्य में भी ये बात रह रहकर सामने आ रही थी कि इस बार मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार का वापस आना मुश्किल है। जिसे लेकर कांग्रेस भी अपनी सरकार बनने को लेकर आश्वस्त थी। लेकिन मोदी जी की गारंटी ने विपक्ष का सारा खेल बिगाड़ दिया और जीत भाजपा की हुई। लेकिन इसमें विशलेषणात्मक तरीके से देखे तो एमपी के मतदाताओं ने भाजपा को वोट तो दिया लेकिन शिवराज के मंत्रियों को नही जिसकारण शिवराज मंत्रीमंडल के 12 मंत्री हार गये। जिससे स्पष्ट है कि अगर मोदी की गारंटी नही होती तो भाजपा का दौबार सत्ता में आना बहुत मुश्किल था। अगर एमपी में शिवराज सीएम चेहरा होते तो भी भाजपा के लिए मुश्किल हो सकती थी।
           इसी तरह राजस्थान में भी कई ऐसे फैक्टर रहे जिसने भाजपा को जीत दिला दी। सबसे पहला और बड़ा फैक्टर मोदी गारंटी को ही माना जा रहा है। वहीं कांग्रेस की अंदरूनी कलह और भाजपा का सीएम चेहरा सामने न करना भी बड़ा फैक्टर रहा। एक और बात भाजपा ने राजस्थान के मतदाताओं का मन पढ़ लिया था और धनखड़ को उपराष्ट्रपति बनाना भी भाजपा की एक गहरी चाल थी। हालांकि हरियाणा में जाट भाजपा से नाराज दिखाई दे रहे है लेकिन राजस्थान में जाटों ने भाजपा को अपना पूरा समर्थन दिया। इसी तरह गुर्जर भी इस बार भाजपा से दूर नही रह सके।
          छत्तीसगढ़ की बात करें तो कांग्रेस को पूरा भरोसा था कि बघेल सरकार एक बार फिर सत्ता में आयेगी। लेकिन यहां भी कांग्रेस की अंदरूनी कलह जगजाहिर थी जिसका असर मतदाताओं पर साफ दिखाई दिया। आदिवासी द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाना यहां भाजपा के लिए फायेदा का सौदा रहा। आदिवासी समुदायों ने खुलकर भाजपा को वोट दिया। यहां भी मोदी की गारंटी ने मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में बांध दिया। हालांकि जब से छत्तीसगढ़ बना है तब से भाजपा ही यहां सत्ता में रही है लेकिन पिछली बार कांग्रेस ने भाजपा से सत्ता छीन ली थी जिसे इसबार भाजपा ने वापिस हासिल कर लिया।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox