32 लाख के चैक और 82 लाख के फंड ने फंसाया सांसद संजय सिंह को

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October 19, 2026

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32 लाख के चैक और 82 लाख के फंड ने फंसाया सांसद संजय सिंह को

-ईडी ने कहा- जांच में सहयोग नहीं, रिश्वत के तौर पर लिया 82 लाख का चंदा -कारोबारी दिनेश अरोड़ा के बयानों के बाद ही जनवरी में चार्जशीट में दर्ज किया था संजय सिंह का नाम

नई दिल्ली /शिव कुमार यादव/- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को 8 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। ईडी ने गिरफ्तारी के बाद बयान जारी कर कहा है कि आप नेता संजय सिंह पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहें थे। उनके खिलाफ दो अभियुक्तों से सरकारी गवाह बने आरोपियों ने कहा कि संजय सिंह के कहने पर लाखों रुपए की रिश्वत मनीष सिसोदिया को दी गई थी। इस मामले में 32 लाख के चैक और 82 लाख रूपये के चंदे का लेनदेन को संजय सिंह की गिरफ्तारी की बड़ी वजह बताया जा रहा है। ईडी ने बताया कि मामले से जुड़े कुछ अन्य लोगों के परिसरों पर भी इस अभियान के दौरान छापे मारे गए। ईडी ने इस मामले में पहले सिंह के स्टाफ सदस्यों और उनसे जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ की थी।

मनीष सिसोदिया जिस केस में जेल में बंद उसी केस में संजय सिंह की हुई गिरफ्तारी
बता दे कि आबकारी नीति केस की चार्जशीट में संजय सिंह का भी नाम है और इसी केस में ईडी ने पूर्व में मनीष सिसोदिया को फरवरी में गिरफ्तार किया था,और मौजूदा समय में वे अभी तक जेल में हैं। ईडी के आरोपों के मुताबिक कोर्ट में दायर चार्जशीट में संजय सिंह पर 82 लाख रुपये का चंदा लेने का जिक्र है और हाल में कारोबारी दिनेश अरोड़ा ने भी बयान दिया था कि संजय सिंह के कहने पर उन्होंने शराब नीति मामले में 32 लाख का एक चैक मनीष सिसोदिया को दिया था बाकी पैसे कैश पार्टी के खाते में गए थे।  

क्या है कथित दिल्ली आबकारी नीति
दिल्ली में पुरानी आबकारी नीति के तहत एलवी और एलवी टू के तहत लाइसेंस रिटेल वेंडर को दिया जाता था। 17 नवंबर 2021 को शराब के लिए नई आबकारी नीति लागू होने तक 849 शराब की दुकानें थीं। इनमें से 60 प्रतिशत  दुकानें सरकारी और 40 प्रतिशत निजी थीं। नई नीति के तहत दिल्ली में शराब की सरकारी दुकानों को बंद कर दिया गया और दिल्ली को 32 जोन में बांटा गया था, हर जोन में 27 शराब की दुकानें थीं। इन दुकानों का मालिकाना हक जोन को जारी किए गए लाइसेंस के तहत दिया गया था। हर वार्ड में 2 से 3 वेंडर को शराब बेचने की अनुमति दी गई थी।

जनवरी में चार्जशीट में जोड़ा गया नाम, संजय सिंह ने किया था दावा गलती से लिखा गया

इसी साल जनवरी में ईडी ने अपनी चार्जशीट में संजय सिंह का नाम जोड़ा था ,लेकिन  इसको लेकर संजय सिंह ने कहा था कि  ईडी ने उनका नाम गलती से जोड़ दिया है, जिस पर ईडी ने जवाब दिया कि उनकी चार्जशीट में संजय सिंह का नाम चार जगह लिखा गया है। इनमें से तीन जगह नाम सही लिखा गया है। सिर्फ एक जगह टाइपिंग की गलती हो गई थी।

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