दशरथ के देहांत से भाव विह्लल दर्शकों के आंसू भरत मिलाप पर ही रुके

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दशरथ के देहांत से भाव विह्लल दर्शकों के आंसू भरत मिलाप पर ही रुके

-पांचवे दिन रामलीला मैदान में रही दर्शकों की भारी भीड़, सुरक्षा व्यवस्था की गई कड़ी

द्वारका/नई दिल्ली/- रामलीला के पांचवें दिन का मंचन राम केवट संवाद से शुरू हुआ और भरत मिलाप पर संपन्न हो गया। सुमंत द्वारा श्रीराम को पिता की हालत सुनने के बाद श्रीराम द्वारा सुमंत को लौटाने के बाद दर्शक भावुक हो उठे। दशरथ की मृत्यु के बाद दर्शकों के आंखों से आंसू टपक पडे। अंत में राम भरत मिलाप पर दर्शकों को राहत मिली।

दशरथ की मृत्यु के पश्चात कैकेयी भरत संवाद ने दर्शकों को बांधे रखा। रामलीला मैदान में केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल, भारतीय जनता पार्टी के महासचिव अरुण सिंह, न्यायाधीश विजय कुमार दहिया और हरियाणा सरकार के पदाधिकारी डाक्टर नताशा दहिया ने भी मंचन का आनंद उठाया। इस मौके पर द्वारका श्रीराम सोसायटी के चेयरमैन व संरक्षक राजेश गहलोत व वाईस चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार यादव ने माननीयों का स्वागत प्रतीक चिन्ह भेंट कर किया।

दर्शकों ने माननीयों का करतल ध्वनि के साथ स्वागत किया। शुक्रवार को रामलीला के मंचन का पांचवां दिन था। रामलीला देखने को भीड़ देर रात तक आती रही। रविवार को सार्वजनिक अवकाश की वजह से शनिवार की रात रामलीला दर्शकों की भीड़ उमड़ सकती है। सम्मानित लोगों को सेक्टर-10 के रामलीला मैदान में द्वारका रामलीला सोसायटी में आना जारी रहेगा। इसलिए रामलीला ग्राउंड में आयोजन स्थल पर सुरक्षा बढ़ गई है। रामलीला के छठे दिन का मंचन और शानदार होने की उम्मीद है।

शनिवार को पंचवटी में प्रवेश, सुरूपनखा प्रंसग, खरदुषण वध, रावण मरीच संवाद, सीता हरण, जटायु वध और शबरी प्रसंग पर है। यह प्रसंग बड़े बुजुर्गों के साथ बच्चों को को भी पसंद आएगा।

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