23वें कारगिल विजय दिवस पर आर्य जगत की श्रद्धांजलि-भारतीय सेना बलिदान का अनुपम उदाहरण है -राष्ट्रीय अध्यक्ष 

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 10, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

23वें कारगिल विजय दिवस पर आर्य जगत की श्रद्धांजलि-भारतीय सेना बलिदान का अनुपम उदाहरण है -राष्ट्रीय अध्यक्ष 

-भारतीय सेना बलिदान का अनुपम उदाहरण है -राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य -महर्षि दयानन्द सत्य वादिता के प्रतीक रहेगे -आचार्य हरिओम शास्त्री

नई दिल्ली/- केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में 23 वें “कारगिल विजय दिवस“ पर ऑनलाइन सभा का आयोजन कर भारतीय सेना के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।यह कोरोना काल मे परिषद का 422 वां वेबिनार था।
                केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि आज हमारे ओजस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश महाशक्ति बनने की ओर निरन्तर अग्रसर हो रहा है साथ ही हमारी सेना आधुनिक व सशक्त हो रही है प् जिससे भारत की और कोई आंख उठाकर न देख सके। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक नागरिक का सैनिकीकरण आवश्यक हो गया है अग्निवीर योजना उसी की एक कड़ी है  युवाओ को सेना में भर्ती होना चाहिए जिससे राष्ट्र मजबूत हो “अग्निवीर योजना“ को सफल बनाना ही कारगिल के शहीद सैनिकों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
                राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य ने युवकों को देश भक्ति की भावना से ओतप्रोत करने पर बल दिया प् हमें अपनी भारतीय सेना पर गर्व है जो लोग भारतीय सेना पर सवाल उठाते हैं वह क्षमा योग्य नहीं हो सकते। वैदिक विद्वान आचार्य हरिओम शास्त्री ने स्वतंत्रता संग्राम में आर्य समाज के योगदान की चर्चा की,उन्होंने कहा कि महर्षि दयानन्द सत्य पथ के अनुगामी थे उन्होंने कभी सिद्धांत विरुद्ध समझोता नहीं किया। मुख्य अतिथि शिक्षाविद एन पी वर्मा (कोडरमा झारखण्ड) व सोहन लाल आर्य ने भी शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
                 उल्लेखनीय है कि यह युद्ध आधिकारिक रूप से 26 जुलाई 1999 को समाप्त हुआ। इस युद्ध के दौरान 550 सैनिकों ने अपने जीवन का बलिदान दिया और 1400 के करीब घायल हुए थे। गायिका दीप्ति सपरा, प्रवीना ठक्कर, कमला हंस, कमलेश चांदना, कौशल्या अरोड़ा, रजनी गुप्ता, रविन्द्र गुप्ता, सुधा गुप्ता, रचना वर्मा, अनु श्री खरबंदा आदि ने देश भक्ति पूर्ण गीत सुनाये।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox