टेलीकॉम उद्योग का संकट होगा दूर, सरकार जल्द राहत पैकेज देने की तैयारी में

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 15, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

टेलीकॉम उद्योग का संकट होगा दूर, सरकार जल्द राहत पैकेज देने की तैयारी में

-सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल; की बढ़ी मुश्किलें

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- वित्तीय संकट से जूझ रही टेलीकॉम कंपनियों को केंद्र सरकार एक लंबी अवधि के राहत पैकेज का तोहफा दे सकती है। माना जा रहा है कि इस राहत पैकेज का एलान इस महीने के अंत तक किया जा सकता है।
                      केंद्र सरकार टेलीकॉम उद्योग के लिए एक लंबी अवधि के राहत पैकेज पर काम कर रही है। बता दें कि देश में कुछ टेलीकॉम कंपनियां इस समय वित्तीय संकट का सामना कर रही हैं। वहीं, एजीआर (समायोजित सकल राजस्व) बकाया से संबंधित मामले पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने दो प्रमुख दूरसंचार कंपनियों; वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल; के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। कुछ दिन पहले खबर आई थी कि केंद्र सरकार टेलीकॉम सेक्टर के लिए एक लंबी अवधि के राहत पैकेज की योजना बना रही है। माना जा रहा है कि केंद्र का यह पैकेज दूरसंचार कंपनियों को कई विवादास्पद मामलों में राहत पहुंचाएगा। जानकारी के अनुसार इसमें एजीआर बकाया को फिर से परिभाषित किया जा सकता है और गैर संचार वस्तुओं को बाहर करने की योजना शामिल हो सकती है।
                         द इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार टेलीकॉम क्षेत्र के लिए राहत पैकेज का प्रस्ताव अगले सप्ताह वित्त मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। अगर वहां से पैकेज को मंजूरी मिल जाती है तो अगस्त के अंत तक इस संबंध में एलान किया जा सकता है। यह दूरसंचार कंपनियों को अप्रयुक्त स्पेक्ट्रम का आत्मसमर्पण करने, बैंक गारंटी को कम करने और लेवी को चरणबद्ध करने की अनुमति देगा।
                         बता दें कि देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों में से एक भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया का भारी एजीआर बकाया है। विशेषज्ञों के अनुसार स्थिति इतनी गंभीर है कि अगर जल्कंदी ही मदद नहीं मुहैया कराई गई तो इन कंपनियों को बंद होने की कगार पर पहुंचने में अधिक समय नहीं लगेगा। हालांकि, माना जा रहा है कि केंद्र का यह संभावित पैकेज इस उद्योग को राहत पहुंचाएगा।
                          भारती एयरटेल के सीईओ गोपाल वित्तल ने बुधवार को कहा कि भारत जैसे बड़े देश में टेलीकॉम क्षेत्र में तीन निजी कंपनियों की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहे इस क्षेत्र को राहत पहुंचाने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि इतने बड़े देश में तीन निजी कंपनियों के फलने-फूलने की पूरी संभावना है और इसमें सरकारी कंपनियां भी रहेंगी।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox