
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- संयुक्त किसान मोर्चा के संसद मार्च को दिल्ली प्रशासन ने अपनी अनुमति कुछ शर्तों के साथ दे दी है जिसमें सिर्फ 200 किसान जंतर-मंतर तक अपना धरना-प्रदर्शन कर सकेंगे हालांकि भारतीय किसान यूनियन अभी भी संसद मार्च को लेकर अड़ी हुई है जिसे देखते पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर तक पुलिस किसानों को एस्कॉर्ट कर ले जायेगी। वहीं भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक का कहना है कि सिंघु बॉर्डर से 200 की संख्या में किसान 5 बसों में सवार होकर संसद की तरफ आगे बढ़ेंगे।
एक तरफ प्रशासन तो दूसरी तरफ संयुक्त किसान मोर्चा पहले से घोषित 22 जुलाई के संसद मार्च को लेकर अपनी रणनीति बना रहे हैं। यूपी गेट हो या फिर टिकरी बार्डर या सिंधु बार्डर सभी जगह पर किसान संसद मार्च को लेकर आपस में चर्चा कर रहे हैं। प्रशासन ने सिर्फ 200 किसानों को प्रदर्शन की अनुमति दी है। जिसके तहत मीडिया प्रभारी श्री मलिक का कहना है कि यूपी गेट से 22 जुलाई से लेकर 9 अगस्त तक करीब सवा सौ किसान (रोजाना 5 किसानों की संख्या)की सूची संयुक्त किसान मोर्चा को सौंप दी गई है।
प्रशासन की अनुमति के बाद आज शाम तक 200 किसानों के नाम स्पष्ट किए जाएंगे। इस बीच उन्होंने कहा कि यदि 200 किसानों को संसद की तरह आगे बढ़ते हुए पुलिस द्वारा रोका जाता है तो सभी किसान एक साथ अपनी गिरफ्तारी देंगे। लेकिन 200 से कम संख्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन किसी समझौते के मूड में नहीं है।





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