8.8 तीव्रता के भूकंप के बाद रूस-जापान के कई हिस्सों में सुनामी;

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October 26, 2026

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8.8 तीव्रता के भूकंप के बाद रूस-जापान के कई हिस्सों में सुनामी;

-हवाई, चिली और सोलोमन द्वीप में अलर्ट

मॉस्को/टोक्यो/शिव कुमार यादव/- रूस के पूर्वी तट पर कामचटका प्रायद्वीप के पास शक्तिशाली भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 8.8 मापी गई। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने बताया कि सुबह 8ः25 बजे (स्थानीय समयानुसार) भूकंप समुद्र में आया। इसके कारण रूस, जापान, गुआम, हवाई और अलास्का में सुनामी की चेतावनी जारी की गई। चेतावनी में कहा गया है कि समुद्र में 1 से 3 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

8.8 तीव्रता के भूकंप के बाद बुधवार तड़के रूस के कुरील द्वीप समूह और जापान के बड़े उत्तरी द्वीप होक्काइडो के तटीय इलाकों में सुनामी आ गई। होनोलूलू में मंगलवार को सुनामी चेतावनी सायरन बजने लगे और लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए कहा गया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि लगभग 30 सेंटीमीटर ऊंची पहली सुनामी लहर होक्काइडो के पूर्वी तट पर नेमुरो पहुंची। स्थानीय गवर्नर वालेरी लिमारेंको के मुताबिक, पहली सुनामी लहर प्रशांत महासागर में रूस के कुरील द्वीप समूह की मुख्य बस्ती सेवेरो-कुरीलस्क के तटीय क्षेत्र में आई। आसपास रहने वाले लोग सुरक्षित हैं। दोबारा लहर आने का खतरा टलने तक वे ऊंचे स्थानों पर ही रहेंगे।

प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने बताया कि हवाई, चिली, जापान और सोलोमन द्वीप समूह के कुछ तटीय क्षेत्रों में ज्वार स्तर से 1 से 3 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। रूस और इक्वाडोर के कुछ तटीय क्षेत्रों में 3 मीटर से भी ऊंची लहरें उठ सकती हैं। रूस की तास समाचार एजेंसी ने भूकंप के केंद्र के पास सबसे बड़े शहर पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की से खबर दी कि डरे-सहमे लोग लोग सड़कों पर निकल आए हैं। कई बिना जूतों या कपड़ों के सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। घरों के अंदर अलमारियां गिर गईं, शीशे टूट गए, कारें सड़क पर क्षतिग्रस्त हो गईं और इमारतों में कांपती नजर आईं। तास ने कामचटका क्षेत्र की राजधानी में बिजली गुल होने और मोबाइल फोन सेवा ठप होने की भी खबर दी। एक स्थानीय रूसी अधिकारी के हवाले से बताया कि सखालिन द्वीप के निवासियों को निकाला जा रहा है और आपातकालीन सेवाएं पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।

भारत को कोई खतरा नहीं
भारतीय सुनामी पूर्व चेतावनी केंद्र (आईटीईडब्ल्यूसी) ने बुधवार को कहा कि भारतीय तट पर सुनामी का कोई खतरा नहीं है। केंद्र ने सुबह जारी एक बुलेटिन में कहा, ’पूर्व-निर्धारित मॉडल परिदृश्यों के आधार पर भारत को कोई खतरा नहीं है।’ अलास्का स्थित राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र ने अलास्का अल्यूशियन द्वीप समूह के कुछ हिस्सों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है। कैलिफोर्निया, ओरेगन, वाशिंगटन और हवाई सहित पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों के लिए भी अलर्ट जारी किया गया है।

इस चेतावनी में अलास्का के तटरेखा के एक बड़े हिस्से को भी शामिल किया गया है, जिसमें पैनहैंडल के कुछ हिस्से भी शामिल हैं। इससे पहले जुलाई में कामचटका के पास समुद्र में पांच शक्तिशाली भूकंप आए थे- जिनमें से सबसे बड़ा भूकंप 7.4 तीव्रता का था। सबसे बड़ा भूकंप 20 किलोमीटर की गहराई पर और 180,000 की आबादी वाले पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की शहर से 144 किलोमीटर पूर्व में था। 4 नवंबर, 1952 को कामचटका में 9.0 तीव्रता के भूकंप से भारी नुकसान हुआ था। गनीमत रही थी कि हवाई में 9.1 मीटर (30 फुट) ऊंची लहरें उठने के बावजूद किसी के मारे जाने की सूचना नहीं आई थी।

कब आती है सुनामी?
विशेषज्ञों के मुताबिक, धरती के कांपने का मानक या भूकंप की तीव्रता 7.5 से 7.8 के बीच में पहुंचते ही सुनामी की चेतावनी जारी कर दी जाती है। समुद्र में आए भूकंप के बाद भी सुनामी की चेतावनी जारी की जाती है। ऐसे ही 7.6 से 7.8 तीव्रता के भूकंप से ऊंची-ऊंची लहरें उठ सकती हैं। 7.8 से ज्यादा का भूकंप आने पर स्थानीय रूप से सुनामी देखने को मिल सकती है। इससे भारी नुकसान हो सकता है।

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