हाई कोर्ट के फैसले के बाद प्रवेश वर्मा का केजरीवाल पर बड़ा हमला 

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June 5, 2026

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-बोले– आरोपी नहीं तय कर सकता कौन करेगा सुनवाई -अदालत के निर्णय पर दिल्ली सरकार की प्रतिक्रिया

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-  प्रवेश वर्मा ने आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल की याचिका खारिज होने के बाद तीखी प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद मंत्री ने कहा कि अदालत का फैसला न्यायिक व्यवस्था पर लोगों के भरोसे को और मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को यह अधिकार नहीं हो सकता कि वह तय करे कि उसके मामले की सुनवाई किस न्यायाधीश के सामने होगी।

“न्यायपालिका पर सवाल उठाने की कोशिश”
प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल लगातार ऐसी बातें कर रहे हैं जिससे न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हों। मंत्री ने कहा कि उनसे ऐसी ही प्रतिक्रिया की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि पहले भी वह कई संवेदनशील संस्थाओं पर सवाल उठाते रहे हैं और अब न्यायपालिका को लेकर भी वैसा ही माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

“अगर आरोपी ही जज चुनने लगे तो व्यवस्था कैसे चलेगी?”
मंत्री ने कहा कि देशभर की अदालतों में लाखों मुकदमे लंबित हैं। इनमें निचली अदालतों से लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक के मामले शामिल हैं। ऐसे में यदि हर आरोपी या याचिकाकर्ता यह मांग करने लगे कि उसका मामला किसी खास जज के सामने ही सुना जाए, तो पूरी न्यायिक व्यवस्था चरमरा जाएगी। उन्होंने कहा कि अदालतों में मामलों की सुनवाई तय प्रक्रिया और नियमों के अनुसार होती है, न कि किसी व्यक्ति की इच्छा के आधार पर।

केजरीवाल पर तंज, बोले– क्या अदालत खुद पूछने जाए?
प्रवेश वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि क्या अब यह उम्मीद की जा रही है कि अदालत स्वयं जाकर आरोपी से पूछे कि वह किस न्यायाधीश के सामने पेश होना चाहता है। उन्होंने कहा कि ऐसा संभव नहीं है और न ही लोकतांत्रिक व्यवस्था में इसकी कोई जगह है। मंत्री ने दोहराया कि कानून सबके लिए समान है और हर व्यक्ति को उसी प्रक्रिया से गुजरना होगा जो संविधान और न्यायालय तय करते हैं।

आबकारी नीति मामले को लेकर बढ़ा राजनीतिक तापमान
आबकारी नीति से जुड़े मामले में अदालत के इस फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। एक ओर आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता इसे कानून की जीत करार दे रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीति और भी गरमा सकती है।

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