नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- राजधानी में तेजी से फैल रहे नशे के कारोबार के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिमी दिल्ली में सक्रिय एक ड्रग्स गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान एमडीएमए नामक प्रतिबंधित ड्रग्स की बड़ी खेप बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कुछ दिनों पहले उन्हें सूचना मिली थी कि तिलक नगर और आसपास के इलाकों में ड्रग्स की सप्लाई करने वाला एक गिरोह सक्रिय है। सूचना मिलते ही विशेष टीम गठित की गई और कई दिनों तक आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसके बाद पुलिस ने एक सुनियोजित अभियान चलाया और संदिग्धों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
किराए के मकान में चल रहा था अवैध धंधा
जांच के दौरान पुलिस की टीम 6 अप्रैल को गणेश नगर स्थित एक किराए के मकान तक पहुंची। यहां छापा मारकर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान मुकेश कुमार उर्फ विक्की और गुरमीत सिंह के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान कमरे से एमडीएमए ड्रग्स की खेप, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन, पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला सामान और नकदी बरामद की गई। पुलिस को शक है कि इसी स्थान से ड्रग्स की पैकिंग कर उसे अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जाता था।
दो नाइजीरियन नागरिक भी गिरफ्तार
स्थानीय आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी मिली। इसके आधार पर 9 अप्रैल को दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। इनमें एक की पहचान मांकाबो डेविड और दूसरे की पहचान इमेका इमैनुएल उर्फ पीटर के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से नाइजीरिया के रहने वाले बताए जा रहे हैं और दिल्ली में रहकर इस नेटवर्क का संचालन कर रहे थे।
पहले भी सामने आ चुका है आरोपी का नाम
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इमेका इमैनुएल उर्फ पीटर पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में पकड़ा जा चुका है। उसके खिलाफ पहले भी एनडीपीएस कानून के तहत मामला दर्ज हुआ था और वह कई वर्षों तक जेल में रह चुका है। इसके बावजूद वह दोबारा ड्रग्स के कारोबार में सक्रिय हो गया। पुलिस अब उसके पुराने नेटवर्क और संपर्कों की भी जांच कर रही है।
मोबाइल, वाहन और संपर्कों की पड़ताल
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, कार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त कर लिए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन मोबाइल फोन और चैट रिकॉर्ड से गिरोह के अन्य सदस्यों और खरीदारों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह नेटवर्क केवल दिल्ली तक सीमित था या इसके तार दूसरे राज्यों और विदेशों से भी जुड़े हुए हैं।
अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका
जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह गिरोह बड़े स्तर पर काम कर रहा था और दिल्ली में एमडीएमए की सप्लाई करने के साथ-साथ इसे दूसरे राज्यों तक भी पहुंचाता था। विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद इस बात की भी जांच शुरू कर दी गई है कि कहीं इस नेटवर्क के तार अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से तो नहीं जुड़े हुए हैं। पुलिस अब इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जता रही है।
युवाओं को निशाना बना रहे थे तस्कर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह खास तौर पर युवाओं और पार्टी सर्किट में सक्रिय लोगों को निशाना बनाता था। एमडीएमए जैसी नशीली दवाएं अक्सर देर रात होने वाली पार्टियों और क्लबों में सप्लाई की जाती हैं। इसी वजह से पुलिस इस नेटवर्क को बेहद गंभीरता से ले रही है, ताकि राजधानी में फैल रहे नशे के कारोबार पर रोक लगाई जा सके।


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