हरियाणा ने दी दिल्ली को राहत, 16 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा

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October 26, 2026

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हरियाणा ने दी दिल्ली को राहत, 16 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा

-आम आदमी पार्टी ने बताई संघर्ष की जीत

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- दिल्ली में जलसंकट को दूर करने को लेकर लगातार हरियाणा सरकार पर हमला बोल रही दिल्ली की आम आदमी पार्टी को गुरूवार को हरियाणा सरकार ने राहत देते हुए हथिनी कुंड से 16 हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिया है। हालांकि आम आदमी पार्टी इसे अपने संघर्ष की जीत बता रही है। फिर भी हरियाणा सरकार का कहना है कि पानी पर जीत हार की राजनीति नही मानवता देख रहे है। दिल्ली वासी भी हमारे ही है और हमने दिल्ली सरकार के आग्रह पर उनके लिए पानी छोड़ा है।
                      यहां बता दें कि गर्मी के मौसम में दिल्ली में एक महीने से जल संकट गहराया हुआ है। दिल्ली सरकार पानी नही होने के चलते लोगों को खारी पानी सप्लाई करने पर मजबूर है। कई जगह तो इसकी भी सप्लाई दो से तीन दिन तक नही हो पा रही है। हालांकि दिल्ली सरकार इस जल संकट के लिए हरियाणा सरकार पर आरोप लगा रही है। और इसके लिए दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटा दिया है। लेकिन इसी बीच हरियाणा सरकार ने हथिनी कुंड से 16 हजार क्यूसेक पानी छोड़कर दिल्ली सरकार की राजनीति बंद कर दी है। यह पानी अगले तीन दिन में दिल्ली के जलशोधन संयंत्रों तक पहुंच जाएगा। इससे दिल्ली में पानी के संकट को कम करने में सहूलियत होगी। आम आदमी पार्टी इसके लिए काफी समय से मांग कर रही थी। आम आदमी पार्टी ने इसे अपनी जीत बताया है। कथित तौर पर हरियाणा सरकार द्वारा दिल्ली के हक का 120 एमजीडी पानी रोक लेने से दिल्ली में जल संकट की स्थिति पैदा हो गई थी।
                    आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने कहा कि लगातार संघर्ष करने के बाद आज दिल्ली की जीत हुई है और हरियाणा सरकार दिल्ली के हिस्से का पानी छोड़ने के लिए मजबूर हुई है। अगर वह बिना सर्वोच्च न्यायालय के डर के अपनी जिम्मेदारी समझकर पानी दे देती तो ज्यादा बेहतर होता। चड्ढा ने इसे दिल्ली के लोगों की जीत बताया है।
                      दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 1995 में हरियाणा-दिल्ली के बीच पानी का बंटवारा किया था, लेकिन आरोप है कि हरियाणा 120 एमजीडी प्रतिदिन दिल्ली को कम पानी दे रहा था। इससे पानी प्लांटों की क्षमता 40 से 50 फीसदी तक कम हो गई थी। वजीराबाद पर यमुना का स्तर 674.5 फीट होना चाहिए, जबकि अब जलस्तर घटकर 667 फीट पर आ गया था। चंद्रवाल उपचार जल संयंत्र की क्षमता 90 एमजीडी से घटकर 55 एमजीडी, वजीराबाद प्लांट की 135 एमजीडी के घटकर 80 एमजीडी और ओखला प्लांट की 20 एमजीडी से घटकर 12 एमजीडी रह गई थी। दिल्ली सरकार का कहना है कि अब दिल्ली की जनता को पानी उचित सप्लाई मिलने से काफी राहत मिलेगी।

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