
नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिवकुमार यादव। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के उपलक्ष्य में राम-जानकी संस्थान पाॅजिटिव ब्राॅडकास्टिंग हाउस – आरजेएस पाॅजिटिव मीडिया के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना के संयोजन में नई दिल्ली स्थित रेडक्रॉस मुख्यालय के ब्लड सेंटर में विवेक कुमार सिंह और अक्षित मौर्य ने रक्तदान किया। जबकि कुछ लोग जांच में पास नहीं हुए।
श्री मन्ना ने सकारात्मक सोच के प्रसार और सामाजिक जिम्मेदारी के आह्वान के साथ सत्र की शुरुआत की।
पितृ पक्ष के उपलक्ष्य में अपने माता-पिता (स्वर्गीय श्री रामजग सिंह और श्रीमती जनक दुलारी देवी के स्मरण और सकारात्मक विचारों की निरंतरता पर चर्चा की।
RJS पॉजिटिव मीडिया की सातवीं पुस्तक (212 पृष्ठ) और इंडियन डायस्पोरा के कार्यों के इतिहास का उल्लेख किया।
1 अक्टूबर को मनाए जाने वाले ‘राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस’ की पूर्व संध्या पर रेडक्रॉस ब्लड सेंटर के साथ मिलकर अगले 3 महीने के जागरूकता संकल्प अभियान की रूपरेखा रखी।
सकारात्मक आंदोलन की सह-संस्थापक बिन्दा मन्ना ने अतिथियों को वंदे मातरम् का पटका ओढ़ाकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. वंश्री सिंह संयुक्त सचिव, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, नेशनल हेडक्वार्टर एवं इंचार्ज, ब्लड सेंटर ,नई दिल्ली ने रेडक्रॉस की कार्यप्रणाली एवं रक्तदान अभियान का क्रमबद्ध ज़िक्र किया।
रेडक्रॉस के स्वरूप की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि 1920 के संसदीय अधिनियम के तहत गठित यह संस्था 100 से अधिक वर्षों से मानवीय सहायता में कार्यरत है, जिसके पदेन अध्यक्ष भारत के राष्ट्रपति और चेयरमैन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री होते हैं। इसकी मुख्य गतिविधियाँ स्वास्थ्य क्षेत्र (विशेषकर ब्लड सर्विसेज), आपदा प्रबंधन (भूकंप/बाढ़ राहत), और युवा एवं जूनियर विंग के माध्यम से प्राथमिक चिकित्सा व नशामुक्ति प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं। डा.वंशश्री सिंह ने कहा कि देश के 5500 ब्लड बैंकों में से 116 रेडक्रॉस संचालित हैं। देश भर में स्वैच्छिक रक्तदान को 95% से अधिक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
रेडक्रॉस की ओर से थैलेसीमिया वाहक परीक्षण के लिए नि:शुल्क शिविर आयोजित किए जाते हैं।
नोएडा पॉजिटिव ब्रांच के मानद् प्रभारी उदय शंकर सिंह कुशवाहा ने उपस्थित सदस्यों व रक्तदाताओं का परिचय एवं सकारात्मक आंदोलन के अपने अनुभवों से सभी को अवगत कराया।संस्था के साथ जुड़ने और न्यूज़लेटर के प्रचार पर बात रखी।
श्री प्रखर वार्ष्णेय डेली डायरी न्यूज़ प्रमुख व पाॅजिटिव मीडिया मानद् प्रभारी RJS ने 10 वर्षों से संस्था से जुड़े रहने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान जागरूकता पर एक तीन मिनट की विडियो डीडीएन स्टूडियो के सौजन्य से निर्माण की जाएगी।
श्री पवन दीवान सेंचुरियन डोनर ने कहा कि 1980 से अब तक 184 बार रक्तदान करने और विगत 15 वर्षों से नियमित ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित करने का अनुभव साझा किया।
श्रीमती स्वीटी पॉल सदस्य, RJS PBH ने सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक कार्यों से जुड़ने की प्रसन्नता व्यक्त की।
आरजेएस से जुड़ी साॅफ्टवेयर इंजीनियर नीता अरोड़ा ने सकारात्मक मीडिया और रेडक्रॉस मिशन के साथ जुड़कर समाज सेवा व रक्तदान के प्रति संकल्प व्यक्त किया।
श्री अशोक कुमार मलिक (कवि) ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बीच सकारात्मक योगदान और सेवा भाव पर विचार रखे।
श्री विवेक कुमार सिंह (गाजियाबाद/नोएडा) ने जीवन में पहली बार रक्तदान करने का अनुभव और उत्साह साझा किया।
श्री मनोज कुमार मनु विशेष संवाददाता, पंजाब केसरी ने 18 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ कहा कि रक्त किसी कारखाने में नहीं बन सकता, इसे केवल मानव ही दान कर सकता है। उन्होंने अपने अंगदान संकल्प का भी उल्लेख किया।
DDN PR एवं इवेंट टीम के सदस्य शाकिर व खुशबू झा कार्यक्रम में सहभागिता और सकारात्मक कार्यों के प्रति समर्थन जताया।
श्री धनंजय अग्रवाल: 1984 से लगातार रक्तदान करने का अनुभव साझा किया।
श्री सुनील कुमार सिंह ,पूर्व निदेशक, ICCR विदेश मंत्रालय ने 60 वर्ष की आयु सीमा की चिकित्सकीय सलाह के कारण रक्तदान न कर पाने और संस्था से जुड़े रहने की बात कही।
श्री राहुल छोरापुरकर (वरिष्ठ रक्तदाता, 67 वर्ष) ने 177 बार रक्तदान का रिकॉर्ड और कोरोना काल में सैकड़ों लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने का अनुभव साझा किया।
श्री दिनेश कुमार कुशवाहा (अध्यक्ष, प्रकृति सेवा फाउंडेशन): कारगिल युद्ध के समय से शुरू हुई रक्तदान यात्रा (49 बार दान) और मरणोपरांत देहदान के पारिवारिक संकल्प की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि डॉ. किरण चौधरी पूर्व विभागाध्यक्ष, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, AB VIMS एवं डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, नई दिल्ली ने स्वैच्छिक रक्तदान की महत्ता पर बल दिया, जहाँ रक्तदाता बिना किसी स्वार्थ या परिवार की तात्कालिक मजबूरी के अनजान मरीज की जान बचाता है। उन्होंने कहा कि पहली बार रक्तदान की उम्र 18 से 60 वर्ष है (नियमित दाता 65 वर्ष तक दे सकते हैं)। हीमोग्लोबिन की कमी या अस्थायी दवाओं के चलते ‘अस्थायी डेफरल’ (Temporary Deferral) होता है, जिससे निराश होने की जरूरत नहीं है।
रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियाँ का निराकरण करते हुए उन्होंने कहा कि रक्तदान से कमजोरी नहीं आती; सामान्य शरीर में 5 से 7 लीटर रक्त में से केवल 350-450 मिलीलीटर लिया जाता है, जो कुछ ही समय में पुनः बन जाता है। सिंगल-यूज डिस्पोजेबल सुइयों के कारण संक्रमण का कोई खतरा नहीं रहता।
महिलाओं में रक्तदान की स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि हीमोग्लोबिन स्तर और पोषण की कमी के कारण कई बार महिलाएँ रक्तदान नहीं कर पातीं। उन्होंने संतुलित आहार, आयरन और प्रोटीन की आवश्यकता पर बल दिया।
रक्त की जाँच व गोपनीयता का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा ुदान किए गए रक्त पर डोनर का नाम हटाकर केवल गुप्त नंबर डाला जाता है और एचआईवी, हेपेटाइटिस बी/सी, सिफलिस तथा मलेरिया की अनिवार्य जाँच के बाद ही वह मरीज को दिया जाता है।
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक स्वैच्छिक रक्तदान संकल्प (Pledge) लिया गया।
वाचन उदय कुमार मन्ना ने किया और उपस्थित सभी सदस्यों द्वारा दोहराया गया
संकल्प का मुख्य अंश: “हम भारत के जागरूक और पॉजिटिव मीडिया फैमिली , राष्ट्र और मानवता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। हम यह दृढ़ संकल्प लेते हैं कि अपनी चिकित्सकीय पात्रता अनुसार नियमित और स्वैच्छिक रक्तदान करेंगे और इसके लिए लोगों को जागरूक करेंगे… यह सुनिश्चित करेंगे कि रक्त की कमी से देश में किसी की जान न जाए… हर घर एक रक्तदान जीवन दान का संदेश पहुँचाएंगे… जाति, धर्म, भाषा या वर्ग का भेद किए बिना मानवता की सेवा करेंगे।”यह त्रैमासिक अभियान 30 सितंबर से 31 दिसंबर 2026 तक संचालित रहेगा, जिसके समापन पर उत्कृष्ट सहयोगियों को प्रमाण पत्र दिए जाएँगे।
इस अवसर पर उदय शंकर सिंह कुशवाहा मानद संपादक, सकारात्मक मीडिया भारत उदय
मासिक ई-न्यूज़लेटर सितंबर अंक का विमोचनकराया।
30 सितंबर 2026 को मासिक डिजिटल न्यूज़लेटर के लोकार्पण अवसर पर श्री कुशवाहा ने कहा कि
नकारात्मकता और सनसनीखेज खबरों के दौर में समाज कल्याण, आत्मनिर्भरता, मानवीय मूल्यों और सकारात्मक पत्रकारिता को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
आरजेएस पीबीएच -आरजेएस पाॅजिटिव मीडिया के मानद प्रभारी प्रखर वार्ष्णेय ने अतिथियों व प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन किया और आरजेएस परिवार के रक्तदाताओं को धन्यवाद दिया।
श्री उदय कुमार मन्ना ने
उपस्थित सभी अतिथियों, रेडक्रॉस प्रबंधन और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्रगान/नारों के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।





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