सेब से मंहगा हुआ प्याज बाकि सब्जियां भी नही सस्ती

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August 24, 2026

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सेब से मंहगा हुआ प्याज बाकि सब्जियां भी नही सस्ती

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज /नजफगढ़/भावना शर्मा /- नजफगढ़ देहात में एक के बाद एक सब्जी पर मंहगाई का रंग चढ़ता ही जा रहा है। पहले टमाटर 80 रूपये किलो बिक रहा था तो अब प्याज भी अपना रंग दिखा रही है। मंडी में प्याज 70 से 80 रूपये बिक रहा है जो सेब से मंहगा हो गया है। सब्जियों पर मंहगाई के असर के चलते न केवल लोगों का बजट बिगड़ रहा है बल्कि थाली से विटामिन भी गायब हो रहे है। लोगांे ने आरोप लगाया कि सरकारें मिली भगत कर कंपनियों की दवाईयां बिकवा रही है ताकि लोग सब्जी की जगह विटामिन व मिनरल की दवाईयों का इस्तेमाल करें।

सब्जियों पर मंहगाई का रंग पूरी तरह से चढ़ गया। आलू हो या मूली सभी या फिर प्याज-टमाटर सभी मंहगाई के चलते आम आदमी की पंहुच से दूर होते जा रहे है। इस संबंध में धर्मपुरा में रहने वाले प्रवीण कुमार, नवादा पट्टी निवासी सुधीर भारद्वाज व प्रेमनगर मंे रहने वाली सुनीता यादव ने बताया कि सर्दियों में अमुमन सब्जियां काफी सस्ती हो जाती थी। लेकिन इसबार तो सब्जियां इतनी मंहगी हो गई है कि लोग खरीद ही नही पा रहे है। जो आलू कभी पांच से दस रूपये किलो बिकता था वही आलू अब 30 से 40 रूपये बिक रहा है। लोग पहले सब्जी की बजाये टमाटर व प्याज से रोटी खा लेते थे लेकिन अब प्याज व टमाटर तो सेब से मंहगे बिक रहे है। जिसकारण लोग नींबू का सहारा ले रहे है। लेकिन अब तो एक नींबू भी 10 रूपये का मिलने लगा है। ऐसा ही हाल घीया, तोरी, खीरा व मूली का है। जो मंहगाई के चलते काफी ऊंचे दामों में बिक रहे है। अब तो धनिया भी 20 रूपये की जुटी में बिक रहा है जिसकारण लोगों को चटनी भी बड़ी मंहगी पड़ रही है। लोगांे का कहना है कि चिकित्सक ज्यादा हरी सब्जियां खाने की बात कहते है लेकिन यहां तो गरीबों की थाली से सब्ज्यिां गायब हो गई है तो एक आम आदमी कैसे अपने बच्चों को खाने में पूरे विटामिन दे। यह सवाल सभी की जबान पर है। लोग प्रशासन व सरकार को कोस रहे है। लोगों का यह भी सवाल है कि सरकारे मिली भगत कर कंपनियों की दवाईया बिकवा रही है।

इस संबंध में जब नजफगढ़ एसडीएम से बात की गई तो उन्होने कहा कि मौसम के अनुकूल नही रहने से कुछ सब्जियों की फसल खराब हो गई थी। जिसकारण मंडियों में सब्जी की कमी है। लेकिन प्रशासन लगातार मंडियों के दामों पर नजर रखे हुए है और सरकार भी सरकारी तौर पर सब्जियां बेचकर लोगांे को राहत देने की कोशिश कर रहे है। हालांकि लोगों ने कहा कि मंडियों में भी सरकारी रेट पर ही सब्जियां मिलनी चाहिए जिसके लिए सरकार को कदम उठाना चाहिए।

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