सीमा पर आतंकवादियों से लौहा ले रहे जवानों की जान की कीमत सिर्फ बलिदान

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 4, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

सीमा पर आतंकवादियों से लौहा ले रहे जवानों की जान की कीमत सिर्फ बलिदान

-सुविधाओं व मांगों के खिलाफ सरकार सुप्रीमकोर्ट में -पुरानी पेंशन बहाली व अर्धसैनिकों की मांगों को लेकर एसोसिएशन ने की भिवानी में बैठक

नई दिल्ली / शिव कुमार यादव / – एक तरफ अर्धसैनिक बल के जवान व अधिकारी रोजाना आतंकियों, उग्रवादियों, नक्सलवादियों से लौहा ले रहे है ताकि देश के लोग अमनचैन से रह सके तो वहीं दूसरी और सरकार पैरामिलिट्री की पुरानी पैंशन बहाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में बहस कर रही है। एसोसिएशन ने सरकार द्वारा अर्धसैनिकों की उपेक्षा पर खेद जताते हुए कहा कि सरकार जवानों की जान की कीमत कब समझेंगी।
             पूर्व अर्धसैनिकों द्वारा कॉनफैडरेसन महासचिव रणबीर सिंह की अध्यक्षता में पुरानी पैंशन बहाली, वन रैंक वन पेंशन, सीपीसी कैंटीन पर जीएसटी छूट, राज्यों में जिला स्तर पर अर्ध सैनिक कल्याण बोर्डों के गठन, सीआईएसएफ जवानों को सीएलएमएस सुविधा व अन्य भलाई संबंधित मुद्दों को लेकर एक्स पैरामिलिट्री कैंटीन भिवानी में मीटिंग का आयोजन किया।
            एसोसिएशन महासचिव रणबीर सिंह द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के हवाले से कहा गया कि पैरामिलिट्री जवान देश की सरहदों की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान कर रहे हैं। एक तरफ अर्ध सैनिक बल देश की एकता अखंडता व आपसी भाईचारा कायम रखने के लिए आतंकवादियों, उग्रवादियों, फिरका परस्तों से लोहा ले रहे हैं और दूसरी तरफ सरकार पुरानी पैंशन बहाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में लड़ रही है। कानून व्यवस्था व सरहदों की चाक चौबंद चौकसी करने वाले 20 लाख पैरामिलिट्री परिवारों में सुविधाओं को लेकर केंद्रीय सरकार के प्रति गहरी नाराजगी एवं रोष व्याप्त को देखते हुए इस बार वोट के ब्रम्हाशस्त्र का प्रयोग करेंगे। सरकारें बताएं कि पैरामिलिट्री जवानों व उनके परिवारों के लिए कौन से भलाई संबंधित कदम उठाए सिवाय शहादत देने के। बिना वन रैंक वन पेंशन, पुरानी पैंशन बहाली व बिना समय से प्रमोशन के अर्ध सैनिक बलों के जवानों व रिटायर्ड कर्मियों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। हर साल 10 हजार जवान नौकरी छोड़ रहे हैं। आत्महत्याओं का सिलसिला थम नहीं रहा और गृह मंत्रालय कुम्भकर्णी नींद सोया है। एक बार फिर से सरकार को जगाने के लिए देश भर से पूर्व अर्ध सैनिक 25 सितंबर 2023 को जंतर मंतर, दिल्ली में दस्तक देंगे जिसमें जिला भिवानी से सैकड़ों की संख्या पूर्व अर्धसैनिकों आंदोलन में शामिल होंगे ओमप्रकाश जी, भरत सिंह, वेदप्रकाश, ओमबीर, संजय सिंह, हर स्वरूप व महासचिव रणबीर सिंह बैठक में मौजूद रहे।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox