सीएपीएफडब्ल्यूए ने की वित्त राज्यमंत्री से मुलाकात, सौंपा अर्धसैनिकों की जायज मांगों का ज्ञापन

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 5, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

सीएपीएफडब्ल्यूए ने की वित्त राज्यमंत्री से मुलाकात, सौंपा अर्धसैनिकों की जायज मांगों का ज्ञापन

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/-
कॉनफैडरेसन आफ़ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन ने वित राज्यमंत्री डाक्टर भागवत किशनराव कराड़ से औपचारिक भेंट कर अर्धसैनिकों की जायज मांगों का ज्ञापन सौंपा। साथ ही फुलों का गुलदस्ता भेंट कर उनके वित्त राज्य मंत्री बनने पर बधाई भी दी।
                       महासचिव रणबीर सिंह ने प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए माननीय वित्त राज्य मंत्री जी से सरदार पटेल के नाम पर राज्यों की राजधानियों में अर्धसैनिक स्कूल खोलने के लिए गुजारिश की ग। जैसा कि ज्ञातव्य है कि अभी पिछले बजट सत्र के दौरान माननीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा सेना के लिए 100 नए सैनिक स्कूल की घोषणा की गई। सेना झण्डा दिवस की तर्ज पर अर्धसेना झंडा दिवस कोष बनाने की अपील की गई ताकि कोष में जमा धनराशि का उपयोग अर्धसैनिक बलों की विधवाओं, विरांगनाओं, सेवारत एवं सेवानिवृत परिवारों के पुनर्वास एवं कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च किया जा सके। प्रतिनिधि मंडल में शामिल कॉनफैडरेसन आफ़ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन गौतम अशोक राव ओरंगाबाद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष गायकवाड़ ने वित राज्य मंत्री जी से हाउस टैक्स में छूट देने का मुद्दा उठाया ओर साथ ही सैनिक कल्याण बोर्ड की तर्ज पर राज्यों में अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड की स्थापना पर बल दिया।
                     उन्होने माननीय राज्यमंत्री का ध्यान दिलाते हुए कहा कि 23 नवंबर 2012 के गृह मंत्रालय के आदेश जिसमें अर्धसैनिक बलों को सेना की तर्ज पर एक्स मैन स्टेटस देने हेतु राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया था। लेकिन दुःख के साथ कहना पड़ रहा है कि गोवा दीव दमन को छोड़कर किसी राज्य ने इसे लागू नहीं किया जिसके कारण लाखों पैरामिलिट्री परिवारों में भारी रोष व्याप्त है।
                     महासचिव ने आगे बताया कि केंद्रीय सरकार को उपरोक्त आदेशों को लागू करने के लिए किसी खास बड़े बजट की जरूरत नहीं बल्कि इच्छा शक्ति की जरूरत है। सुरक्षा बलों में सुविधाओं के नाम पर अर्धसैनिक बलों के जवान व उनके परिवार अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं । आए दिन जवान शहीद हो रहे हैं और उपर से शहादत में भी भेदभाव किया जा रहा है। अपने सम्मान राशि व अन्य सुविधाओं के लिए शहीद परिवारों को सड़क पर धरना देने की नौबत आए जो कि राष्ट्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सीएपीएफ यानी मरते रहो प्यारे फोकट में। बंगाल चुनावों के दौरान स्वयं गृह मंत्री जी ने बयान दिया था कि अगर सीआरपीएफ जवान नहीं होते तो मेरी जान को खतरा हो सकता था। अब सवाल ये है कि अर्धसैनिक को कौन बचाए।
                   रणबीर सिंह ने उम्मीद जताई कि इस बार माननीय प्रधानमंत्री जी लालकिले की प्राचीर से 15 अगस्त को अर्धसेनिक बलों के लिए पुरानी पैंशन बहाली व अन्य लाभकारी योजनाओं का बौन्नजा घोषित करेंगे यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी उन गलवान ओर पुलवामा शहीदों को जिन्होंने अपना सुनहरी कल राष्ट्र के लिए सर्वस्व बलिदान कर दिया।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox