श्रीलंका में प्रधानमंत्री के इस्तीफे से सर्वदलिय सरकार के गठन का रास्ता हुआ साफ

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 26, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

श्रीलंका में प्रधानमंत्री के इस्तीफे से सर्वदलिय सरकार के गठन का रास्ता हुआ साफ

-राष्ट्रपति भागे, पीएम का इस्तीफा, गृहयुद्ध की आग में फंसा श्रीलंका

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- श्रीलंका में आर्थिक हालात से त्रस्त जनता ने शनिवार को राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के आवास पर कब्जा कर लिया। वहीं राष्ट्रपति अपना आवास छोड़कर भाग गए हैं। इस बीच हालात काबू में करने के लिए श्रीलंका के मौजूदा प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने पार्टी नेताओं की आपात बैठक बुलाई और अपना इस्तीफा दे दिया। उधर, श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के 16 सांसदों ने पत्र लिखकर राष्ट्रपति से भी तत्काल इस्तीफा देने की अपील की है। हालांकि प्रधानमंत्री के इस्तीफे के बाद अब श्रीलंका में सर्वदलिय सरकार के गठन का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है।


              बता दें कि श्रीलंका में जारी आर्थिक संकट के बीच जनता का गुस्सा अब तक शांत नहीं हुआ है। देशभर में तेल और बाकी जरूरत के सामान की कमी के बीच लोग एक बार फिर सड़कों पर हैं। प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने शनिवार को राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग के साथ उनके आवास का घेराव कर लिया। न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, ये प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति के घर में घुसने की कोशिश करने लगे, जिसके बाद राजपक्षे अपना आवास छोड़कर भाग खड़े हुए। अटकलें लगाई जा रही हैं कि राजपक्षे देश छोड़ चुके हैं।
             इस बीच प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने मौजूदा स्थिति पर चर्चा करने और तत्काल समाधान खोजने के लिए पार्टी नेताओं की भागीदारी के साथ एक आपात बैठक बुलाई। पीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने पार्टी नेताओं से कहा है कि वह इस्तीफा देने और सर्वदलीय सरकार के लिए रास्ता बनाने के लिए तैयार हैं। इस बीच रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि बैठक में राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री दोनों को इस्तीफा देने को कहा गया है।

स्पीकर को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनने का प्रस्ताव दिया गया है। वहीं राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने कथित तौर पर कहा है कि पीएम रानिल विक्रमसिंघे की बैठक में जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह उसका सम्मान करेंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को अपने फैसले से अवगत करा दिया है। मालूम हो कि प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने पार्टी के कई नेताओं के साथ शुरुआती चर्चा की है।
              बताया गया है कि कुछ प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति आवास के परिसर तक घुस आए थे। इसके बाद सुरक्षाबलों ने राष्ट्रपति को आवास से बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। श्रीलंका के एक टीवी चैनल सिरासा टीवी की ओर से जारी फुटेज में तो भीड़ को राष्ट्रपति आवास के अंदर घुसते भी देखा जा सकता है। हालांकि, सुरक्षाबल पानी की बौछारों और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश करती रही। प्रदर्शन के दौरान करीब 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
               गौरतलब है कि श्रीलंका पिछले कई महीनों से आर्थिक संकट से जूझ रहा है। पूरे देश में खाने से लेकर ईंधन तक की कमी पैदा हो गई है। यहां तक कि घरों में बिजली तक सिर्फ कुछ ही घंटों के लिए आ रही है। श्रीलंका के लगातार घटते विदेशी मुद्रा भंडार की वजह से वह मेडिकल से जुड़े जरूरी सामान तक नहीं आयात कर पा रहा है।

पूर्व क्रिकेटर सनथ जयसूर्या भी उतरे विरोध प्रदर्शन में
वहीं, श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर सनथ जयसूर्या ने कोलंबो में हालिया विरोध प्रदर्शन पर समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि मैं विरोध का हिस्सा था और लोगों की मांग के साथ खड़ा हूं। यह विरोध तीन महीने से अधिक समय से चल रहा है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox