श्रीनगर के अलकेश्वर घाट पर सैन्य सम्मान के साथ राइफलमैन लोकेंद्र प्रताप को अंतिम विदाई, हाल ही में हुई थी शादी

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August 24, 2026

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श्रीनगर के अलकेश्वर घाट पर सैन्य सम्मान के साथ राइफलमैन लोकेंद्र प्रताप को अंतिम विदाई, हाल ही में हुई थी शादी

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श्रीनगर/अनीशा चौहान/- देश ने एक और वीर सपूत को खो दिया। गढ़वाल राइफल्स की 21वीं बटालियन के राइफलमैन लोकेंद्र प्रताप का सोमवार को आकस्मिक निधन हो गया। मंगलवार सुबह उन्हें श्रीनगर के अलकेश्वर घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

गमगीन माहौल में हुए अंतिम संस्कार में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सेना के जवानों और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने शामिल होकर लोकेंद्र प्रताप को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके अंतिम दर्शन के लिए घाट पर जनसैलाब उमड़ पड़ा।

ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से हुआ निधन

26 वर्षीय लोकेंद्र प्रताप, पौड़ी जनपद के श्रीनगर तहसील के ग्राम कटाखोली, पट्टी चलणस्यूं के निवासी थे। वे वर्ष 2016 में सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। बीते सप्ताह विशेष प्रशिक्षण के लिए वह कोटद्वार स्थित गबर सिंह आर्मी कैंप कौड़िया आए हुए थे।

रविवार रात भोजन के बाद वह सोने चले गए थे, लेकिन सोमवार सुबह जब उठे नहीं तो साथी जवानों ने उन्हें अचेत अवस्था में पाया। उन्हें तुरंत बेस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस असमय और आकस्मिक निधन की खबर जैसे ही परिजनों को मिली, परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता, भाई-भाभी समेत पूरा परिवार शोक में डूब गया।

एक बेहद मार्मिक पहलू यह भी है कि लोकेंद्र की शादी अभी हाल ही में 8 जून को ही संपन्न हुई थी। परिवार ने बताया कि रविवार रात को ही लोकेंद्र की घरवालों से बात भी हुई थी।

पूरे क्षेत्र में शोक की लहर

लोकेंद्र प्रताप के निधन से गांव, सेना और समाज ने एक कर्तव्यनिष्ठ, बहादुर और अनुशासित जवान को खो दिया है। उनके गांव में शोक की लहर है और हर आँख नम है।

उनकी अंतिम यात्रा में उमड़े जनसैलाब ने यह साबित कर दिया कि लोकेंद्र सिर्फ एक सैनिक नहीं, बल्कि पूरे समाज की शान और प्रेरणा थे। उनका बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

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