शिवसेना संकट पर एनसीपी चीफ शरद पवार ने भी डाले हथियार

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 15, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

शिवसेना संकट पर एनसीपी चीफ शरद पवार ने भी डाले हथियार

-बोले सत्ता जाने के बाद बाहर संघर्ष को रहो तैयार, उद्धव ठाकरे का साथ देने की कही बात

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद अब महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ-साथ् महाविकास अघाड़ी सरकार भी संकट में आ गई है। सरकार में संख्या से लेकर सहयोग तक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। गुरूवार को शिवसेना की मीटिंग में महज 12 विधायकों की उपस्थिति के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने सत्ता जाने के संकेत दिए हैं। एनसीपी चीफ शरद पवार ने कार्यकर्ताओं से सत्ता जाने के बाद बाहर संघर्ष करने के लिए तैयार रहने का आहवान किया है। उधर, असम के गुवाहाटी में ठहरे एकनाथ शिंदे खेमे का संख्या बल लगातार बढ़ता जा रहा है। खबर है कि उनके पक्ष में 49 विधायक खड़े हो गए हैं। इनमें शिवसेना के 42 और 7 निर्दलीय विधायक शामिल हैं।
            गुरुवार को एनसीपी की खास बैठक आयोजित हुई। इस दौरान एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी कहा है कि सत्ता जाने के बाद आगे के संघर्ष के लिए तैयार रहें। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का साथ देने की बात भी कही है। सुप्रीमो पवार के आवास पर हुई इस चर्चा में उप मुख्यमंत्री अजित पवार, राज्य के गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल, मंत्री जयंत पाटील, जितेंद्र अव्हाड, नेता सुनील ततकारे मौजूद रहे।

टूटने की कगार पर शिवसेना!
विधायकों की बगावत से जूझ रही शिवसेना ने भी आज मीटिंग बुलाई थी। खास बात है कि इस बैठक में पार्टी के केवल 12 ही विधायक पहुंचे। हालांकि, आदित्य ठाकरे को अगर मिलाएं, तो पार्टी के पास 13 विधायक हैं, लेकिन वह बैठक से अनुपस्थित रहे थे और मातोश्री में मौजूद थे। इधर, पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत लगातार दावा कर रहे थे कि उनके संपर्क में 20 विधायक हैं।

कांग्रेस और एनसीपी में भी तनाव!
राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन महाविकास अघाड़ी में शामिल कांग्रेस ने भी सीएम ठाकरे के फैसलों पर भरोसा जताया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने ट्वीट किया, ’महाविकास अघाड़ी में मुख्यमंत्री पद के संबंध में जो फैसला उद्धव ठाकरे लेंगे, उसमें कांग्रेस उनका साथ देगी।’
               मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस और राकंपा के बीच भी सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। पटोले ने आरोप लगाए हैं कि उप मुख्यमंत्री अजित पवार की तरफ से कांग्रेस को परेशान किया जाता है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि उनकी पार्टी विपक्ष में बैठने के लिए तैयार है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox