नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- राजधानी दिल्ली की मटियाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला शिकारपुर गाँव इन दिनों बदहाल सड़कों की समस्या से जूझ रहा है। गाँव से झाटीकरा होते हुए घूमनहे तक जाने वाला मुख्य मार्ग कई वर्षों से मरम्मत का इंतज़ार कर रहा है। जर्जर हालात और उखड़ी हुई सड़कें यहाँ के निवासियों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनी हुई हैं।

हर रोज़ की परेशानी बनी सड़क
गाँव के लोग बताते हैं कि सड़क पर जगह-जगह बने बड़े गड्ढे और टूटी सतह के कारण वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों को रोज़मर्रा की आवाजाही के दौरान घंटों जाम और ख़तरनाक स्थिति से गुजरना पड़ता है। बरसात के दिनों में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जब पानी भरने से गड्ढे दिखाई भी नहीं देते और हादसों का डर बना रहता है।
बच्चों और बुज़ुर्गों को सबसे ज़्यादा दिक़्क़त
गाँव के लोगों के मुताबिक, इस टूटी सड़क का सबसे बुरा असर बच्चों और बुज़ुर्गों पर पड़ रहा है। बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाई होती है, वहीं बीमार और बुज़ुर्ग मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी बड़ी रुकावट आती है। कई बार एंबुलेंस को भी सड़क पर बने गड्ढों और जाम की वजह से परेशानी झेलनी पड़ती है।

वादे अधूरे, जनता नाराज़
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार इस समस्या को नेताओं और प्रशासन के सामने रख चुके हैं। चुनावी समय में सड़क को दुरुस्त करने के वादे भी किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि चुनाव बीतते ही नेताओं को जनता की समस्याओं की परवाह नहीं रहती।

जल्द समाधान की उम्मीद
फिलहाल शिकारपुर गाँव के लोग टूटी-फूटी सड़कों से बेहद परेशान हैं और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र के लिए जीवनरेखा है, और इसकी मरम्मत न होने तक उनकी परेशानियाँ दूर नहीं होंगी। अब सबकी नज़र सरकार और अधिकारियों पर है कि वे कब तक इस गंभीर समस्या का समाधान करते हैं।


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