विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए किया नामांकन,

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए किया नामांकन,

-राहुल गांधी, शरद पवार, अखिलेश यादव, सीताराम येचूरी, सुधींद्र कुलकर्णी व टीआरएस नेता भी साथ पंहुचे

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने नामांकन कर दिया है। इसे मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और एनसीपी के लीडर शरद पवार समेत कई विपक्षी नेता उनके साथ मौजूद थे। यही नहीं समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी और टीएमसी के सुधींद्र कुलकर्णी समेत कई अन्य विपक्षी नेता मौजूद थे। कांग्रेस के राज्यसभा में नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भी इस मौके पर थे, जो राहुल गांधी के बगल में बैठे नजर आए।
                 इसके अलावा आज सुबह ही यशवंत सिन्हा की उम्मीदवारी को समर्थन करने वाली तेलंगाना की सत्ताधारी पार्टी टीआरएस के नेता भी पहुंचे थे। जम्मू कश्मीर से फारूक अब्दुल्ला भी इस मौके पर समर्थन जाहिर करने पहुंचे थे। यशवंत सिन्हा सत्ताधारी एनडीए गठबंधन की ओर से उतारी गईं द्रौपदी मुर्मू को चुनौती देंगे। हालांकि द्रौपदी मुर्मू की जीत काफी हद तक तय मानी जा रही है। इसकी वजह यह है कि एनडीए बहुमत के आंकड़े से थोड़ी ही दूर है, जबकि वाईएसआर कांग्रेस, बीजू जनता दल जैसी पार्टियों ने उनके समर्थन का ऐलान किया है। ऐसे में मुर्मू की जीत तय मानी जा रही है।
                बता दें कि विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर कई राउंड मंथन चला था और उसके बाद यशवंत सिन्हा के नाम पर मुहर लगी थी। हालांकि उन्हें लेकर मतभेद भी देखने को मिल रहे हैं और सीपीएम की बंगाल यूनिट ने उनके नाम का यह कहते हुए विरोध किया है कि वह भाजपा से जुड़े रहे हैं। उनके नाम पर फैसले से पहले विपक्षी दलों और ममता बनर्जी ने शरद पवार से उम्मीदवार बनने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने इसे खारिज कर दिया था। उनके अलावा महात्मा गांधी के पौत्र ने भी इससे इनकार किया था। इसके चलते अंत में यशवंत सिन्हा के नाम पर ही सहमति बनी थी।
              टीआरएस के नेता की मौजूदगी विपक्षी खेमे के लिहाज से महत्वपूर्ण है, हालांकि कांग्रेस की सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा सिन्हा के नामांकन से दूर रही। माना जा रहा है कि झामुमो ने अभी यह फैसला नहीं किया है कि विपक्ष के उम्मीदवार और राजग के उम्मीदवार में से किसका समर्थन करना है। नामांकन दाखिल करने के बाद सिन्हा ने संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी और भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राजग सरकार में वित्त और विदेश मंत्री जैसे अहम पदों पर रह चुके सिन्हा आगामी 28 जून को तमिलनाडु से अपने चुनाव प्रचार अभियान का आगाज कर सकते हैं। इस अभियान के पहले चरण में ही वह कर्नाटक एवं केरल का भी दौरा कर सकते हैं।
                विपक्षी दलों ने सिन्हा को 21 जून को अपना साझा उम्मीदवार घोषित किया था। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने पिछले सप्ताह शुक्रवार को नामांकन दाखिल किया था। राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 18 जुलाई को होना है। मतगणना 21 जुलाई को होगी। वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox