लोगों के कल्याण के लिए गुरूओं ने दी आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा

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November 5, 2026

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लोगों के कल्याण के लिए गुरूओं ने दी आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा

-इस्कॉन द्वारका की ओर से वरिष्ठ गुरु एवं महाराज की स्मृति सभा का आयोजन -वरिष्ठ शिष्यों के द्वारा होगा गुरु महाराज की महिमा का गुणगान

द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- वेदों-पुराणों में न केवल गुरू की महिमा का गुणगान किया गया है बल्कि गुरू का दर्जा भगवान से ऊपर बताया गया है। हमारे श्रेष्ठ कवि कबीर दास जी ने तो लिखा भी है कि
गुरू-गोविंद दोऊ खड़े काके लागु पाए,
बलिहारी गुरू आपनों जिसने गोविंद दियो मिलाए।।
इसी परंपरा को जीवंत रखते हुए इस्कॉन द्वारका में भी वरिष्ठ गुरू श्रील गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज की स्मृति सभा के आयोजन के बारे में बताते हुए शिष्य वेद व्यास प्रभु ने कहा कि गुरूओं ने न केवल समय-समय पर विकट परिस्थितियों में सभी का मार्गदर्शन किया है बल्कि लोगों के कल्याण के लिए आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की भी प्रेरणा दी है।  

बता दें कि श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश इस्कॉन मंदिर के समीप  सेक्टर-3 के दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज सभागार में 19 मई को प्रातः 10 बजे इस्कॉन के वरिष्ठ गुरु श्रील गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज की स्मृति सभा का आयोजन किया जा रहा है।
इस अवसर पर इस्कॉन इंडिया की गवर्निंग काउंसिल के नए अध्यक्ष (जीबीसी, इस्कॉन) परम पूज्य गुरु प्रसाद स्वामी महाराज एवं विशेष अतिथि के रूप में श्रील गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज के कृपापात्र शिष्य वेद व्यास प्रभु भी उपस्थित होंगे। इसके अतिरिक्त उत्तरी क्षेत्र के जोनल सचिव रुक्मिणी कृष्ण प्रभुजी के साथ-साथ इस्कॉन द्वारका के अध्यक्ष प्रद्युम्न प्रिय दास एवं उपाध्यक्ष श्री गौर प्रभु भी श्रील गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज के जीवन से जुड़े मुख्य प्रसंगों पर प्रकाश डालेंगे।

गौरतलब है कि गत 5 मई को श्रील गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज ने नित्य लीला में प्रवेश किया और 6 मई को वृंदावन में उनकी समाधि बनाई गई। वे इस्कॉन के संस्थापकाचार्य ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद के सबसे वरिष्ठ शिष्यों में से एक थे। अपने गुरु के आदेश का पालन करते हुए मानव कल्याण के लिए संपूर्ण विश्व में उन्होंने कृष्णभावनामृत का प्रचार किया और लोगों को आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने नई दिल्ली स्थित श्री श्री राधा पार्थसारथी मंदिर सहित दिल्ली व एनसीआर में अब तक इस्कॉन के 18 मंदिरों का निर्माण करवाया।

इस्कॉन के मुख्य स्तंभ कहे जाने वाले श्रील गोपाल कृष्ण गोस्वामी की उपलब्धियों और उनके वियोग को शब्दों में बाँधना हालाँकि बहुत कठिन है लेकिन फिर भी उनकी स्मृति में वरिष्ठ शिष्यों द्वारा देश-दुनिया में अनेक मंचों से गुरु महाराज की महिमा के गुणगान का क्रम लगातार जारी है। इस्कॉन द्वारका ने भी उनके प्रमुख शिष्यों एवं वरिष्ठ भक्तों द्वारा गुरु के महिमागान के लिए यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया है।
इस अवसर पर गुरु महाराज की चरणपादुका का अभिषेक किया जाएगा एवं महाराज के निजी सामानों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। पूरा दिन एकादशी का दिव्य प्रसाद भक्तों में वितरित किया जाएगा।

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