लाल किला निर्माण में पालम गांव की भूमिका को मिले ऐतिहासिक मान्यता: दिल्ली पंचायत संघ

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लाल किला निर्माण में पालम गांव की भूमिका को मिले ऐतिहासिक मान्यता: दिल्ली पंचायत संघ

- गांवों के प्रवेशद्वार पर गौरवशाली इतिहास व वंशावली के शिलालेख लगे। थान सिंह यादव - जिन गांवों की भूमि पर सर्वोच्च सदन उनके नाम के लगे शिलापट। पंचायत संघ

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- दिल्ली पंचायत संघ ने राजधानी के गांवों के ऐतिहासिक,सांस्कृतिक योगदान को पहचान दिलाने के लिए सरकार से विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की है। पंचायत संघ का कहना है कि दिल्ली के कई गांव, विशेषकर पालम, ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहे हैं और उनके दिल्ली के विकास में योगदान को अब तक उपेक्षित किया गया है।

पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने कहा कि लोक परंपराओं और सांस्कृतिक स्मृतियों के अनुसार पालम गांव के लोगों ने लाल किले के निर्माण की नींव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पालम गांव के पांच प्रमुख व्यक्ति उस समय निर्माण प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल थे, जिसकी पुष्टि बुजुर्गों, इतिहास प्रेमियों और सांस्कृतिक परंपराओं से होती है।

पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने मांग की कि पालम सहित दिल्ली के सभी गांवों के प्रवेशद्वारों पर शिलालेख लगाए जाएं, जिनमें उनके गौरवशाली इतिहास, वंशावली और सांस्कृतिक परंपराएं दर्ज हों। उन्होंने कहा, “यह हमारी साझा विरासत है जिसे अब उपेक्षित नहीं रखा जाना चाहिए।”

रायसीना, मालचा और कुशक जैसे गांवों को भी मिले सम्मान 
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिस भूमि पर आज संसद और अन्य सर्वोच्च संस्थान स्थित हैं, वहां के मूल गांवों रायसीना, मालचा, कुशक आदि के ऐतिहासिक योगदान को भी मान्यता दी जाए। इसके लिए कर्तव्य पथ पर एक स्मृति शिलापट लगाए जाने की मांग की गई, ताकि इन गांवों का नाम आने वाली पीढ़ियों के सामने सम्मान पूर्वक जीवित रह सके।

पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने कहा कि पालम गांव के ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने के लिए लाल किला परिसर या उसके समीप एक स्मृति चिह्न या पट्टिका स्थापित की जानी चाहिए। यह लोक इतिहास का दृश्य रूप में संरक्षण होगा, जिससे नई पीढ़ी न केवल परिचित होगी, बल्कि उसे आत्मसात भी कर सकेगी।

सरकार से गांवों के गौरवशाली इतिहास व वंशावली पर एक विशेषज्ञ समिति गठित की मांग
यादव ने मांग की कि सरकार एक विशेषज्ञ समिति गठित करे जो दिल्ली के गांवों के ऐतिहासिक योगदान का अध्ययन कर प्रमाणिक रिपोर्ट प्रस्तुत करे। इस रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली के ऐतिहासिक दस्तावेजों में गांवों की भूमिका को विधिवत दर्ज किया जाए।

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