लखीमपुर-खीरी हिंसा मामले में SC ने आशीष मिश्रा को दी जमानत

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 17, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

लखीमपुर-खीरी हिंसा मामले में SC ने आशीष मिश्रा को दी जमानत

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- 2021 के लखीमपुर-खीरी हिंसा मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। टेनी के बेटे को जमानत देते हुए कोर्ट ने उन्हें दिल्ली या लखनऊ में ही रहने का निर्देश दिया। बता दें, हिंसा की इस घटना में 8 लोगों की मौत हो गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने दे दी है आशीष मिश्रा को जमानत
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आशीष मिश्रा को दी गई अंतरिम जमानत को पूर्ण कर दिया गया है और आशीष मिश्रा की अंतरिम जमानत की कुछ शर्तों में संशोधन किया गया है। उन्हें दिल्ली या उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रहने की इजाजत दी गई है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की है कि ‘लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुनवाई में तेजी लाने की जरूरत है और संबंधित ट्रायल कोर्ट को अन्य लंबित जरूरी मामलों को ध्यान में रखते हुए एक समय सारणी तय करने का निर्देश दिया है, लेकिन लंबित मामले की सुनवाई को प्राथमिकता दी जाएगी।’

‘117 गवाहों में से अब तक सात से की जा चुकी है पूछताछ’
पिछले साल 25 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने हिंसा की ‘इस दुर्भाग्यपूर्ण और भयावह घटना’ से जुड़े मामले में आशीष मिश्रा को अंतरिम जमानत दे दी थी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने मामले में आरोपी किसानों को जमानत भी दे दी और अधीनस्थ अदालत को सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा, ‘सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अंतरिम आदेश अंतिम आदेश है, हमें सूचित किया गया है कि 117 गवाहों में से अब तक सात से पूछताछ की जा चुकी है। हमारा मानना ​​है कि मुकदमे की कार्यवाही में तेजी लाने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने अधीनस्थ अदालत को सुनवाई की समय सीमा तय करने का निर्देश दिया है।

लखीमपुर-खीरी में कैसे भड़की हिंसा?
किसानों ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इलाके के दौरे का विरोध किया था, जिसके बाद जिले में हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान एक एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) ने चार किसानों को कुचल दिया था। इसके बाद गुस्साए किसानों ने कथित तौर पर ड्राइवर और दो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ताओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस हिंसा में एक पत्रकार की भी मौत हो गई।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox