राष्ट्रीय एकता दिवस पर छावला BSF जवानों की देशभक्ति दिखी शिखर पर, लिया प्रेरणा का संकल्प

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 16, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

राष्ट्रीय एकता दिवस पर छावला BSF जवानों की देशभक्ति दिखी शिखर पर, लिया प्रेरणा का संकल्प

-छावला BSF में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया  -जवानों ने एकता का संदेश दिया 

नई दिल्ली/छावला/उमा सक्सेना/-     दिल्ली के छावला स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) परिसर में 31 अक्टूबर 2025 को राष्ट्रीय एकता दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, अधिनस्थ कर्मियों और वीर जवानों ने राष्ट्र की अखंडता, सुरक्षा और एकता को बनाए रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करके की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि डीआईजी प्रीतपाल सिंह भट्टी मौजूद रहे। डीआईजी प्रीतपाल सिंह भट्टी ने कहा कि पटेल जी के दूरदर्शी नेतृत्व ने स्वतंत्र भारत को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया था। उन्होंने देश की 560 से अधिक रियासतों को एकजुट कर आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखी।  

स्मरण और प्रेरणा का दिवस
राष्ट्रीय एकता दिवस पर BSF अधिकारियों ने कहा कि यह दिन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि देश की अखंडता और भाईचारे को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। सरदार पटेल के जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि जब राष्ट्र एक दिशा में संगठित होकर आगे बढ़ता है, तभी सच्ची शक्ति का निर्माण होता है।

साल 2014 में केंद्र सरकार ने सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। वहीं, वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार सरोवर बांध के पास ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का लोकार्पण कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी थी।

BSF की भूमिका पर गर्व
कार्यक्रम में वक्ताओं ने BSF के जवानों की देश के प्रति निष्ठा और सेवा भावना की सराहना की। कहा गया कि भारत की सीमाओं की सुरक्षा करने वाला यह बल केवल रक्षा का प्रतीक नहीं, बल्कि देश की एकता और अखंडता का प्रहरी है। जवानों की अनुशासन, समर्पण और वीरता राष्ट्र के लिए प्रेरणादायक है।

एकता का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों और जवानों ने एकता की शपथ दोहराई और यह संकल्प लिया कि वे सदैव राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और शांति के लिए तत्पर रहेंगे।
अंत में यह संदेश दिया गया —
“एकता ही हमारी शक्ति है, शक्ति ही हमारी पहचान।”

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox