ग्रेटर नोएडा में स्वच्छ ऊर्जा के नए युग की शुरुआत

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

ग्रेटर नोएडा में स्वच्छ ऊर्जा के नए युग की शुरुआत

-भारत के ऊर्जा भविष्य की दिशा तय करता भव्य आयोजन

नोएडा/उमा सक्सेना/-    ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आज से शुरू हुआ रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो (REI 2025) और बैटरी शो इंडिया का तीसरा संस्करण, भारत की हरित ऊर्जा यात्रा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाले इस मेगा इवेंट का मकसद देश में स्वच्छ ऊर्जा नवाचार, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और निवेश को गति देना है।

“नेट ज़ीरो प्राप्त करने के मार्ग की रूपरेखा” थीम के साथ आयोजित यह सम्मेलन नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नीति निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों, तकनीकी कंपनियों और निवेशकों को एक मंच पर ला रहा है।

दुनियाभर के विशेषज्ञों की मौजूदगी में हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन कई प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति में हुआ। इनमें डॉ. विभा धवन (महानिदेशक, टेरी), श्री देबाशीष दास (प्रमुख, रिन्यूएबल एनर्जी नोडल एजेंसी, ओडिशा), एच.आर.एच. प्रिंस नारिथिपोंग नोरोडोम (कंबोडिया), डॉ. इवा सुवारा (यूरोपीय संघ, भारत), डॉ. फिलिप एकरमैन (राजदूत, जर्मनी), श्री मनु श्रीवास्तव (अतिरिक्त मुख्य सचिव, ऊर्जा विभाग, मध्य प्रदेश), श्री योगेश मुद्रस (एमडी, इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया), श्री रजनीश खट्टर और श्री पीटर हॉल शामिल रहे।

भारत की ऊर्जा नीति में नया अध्याय
मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारी मनु श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने अब ₹2.70 प्रति यूनिट की दर पर 24 घंटे सौर-प्लस-स्टोरेज बिजली उपलब्ध कराकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि यह परियोजना यह साबित करती है कि भारत अब दिन और रात दोनों समय नवीकरणीय ऊर्जा की भरोसेमंद आपूर्ति करने में सक्षम है।

ओडिशा सरकार के अधिकारी देबाशीष दास ने बताया कि राज्य अब अपनी फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं और पंप स्टोरेज सिस्टम्स के माध्यम से ऊर्जा क्षेत्र में नई दिशा तय कर रहा है। उन्होंने कहा कि ओडिशा की नीति का उद्देश्य ऊर्जा को सस्ती, टिकाऊ और सुलभ बनाना है, ताकि राज्य निवेश का प्रमुख केंद्र बन सके।

भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन पर टेरी का दृष्टिकोण
टेरी की प्रमुख डॉ. विभा धवन ने भारत की हरित उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि देश पहले ही 127 गीगावाट सौर क्षमता स्थापित कर चुका है और 2030 तक 500 गीगावाट का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, पीएलआई योजनाओं और सौर-बैटरी निर्माण मिशन के ज़रिए भारत अपनी घरेलू मूल्य शृंखला को मज़बूत कर रहा है। डॉ. धवन ने कहा कि “स्थिरता अब केवल पर्यावरण नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास और सामाजिक प्रगति की रणनीतिक कुंजी बन चुकी है।”

निवेश और नवाचार को मिलेगी नई रफ्तार
इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया के एमडी योगेश मुद्रस ने बताया कि देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता अब 250 गीगावाट को पार कर चुकी है और 2030 तक 500 गीगावाट तक पहुंचने का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी बताया कि ₹5,400 करोड़ की BESS VGF योजना से 2028 तक लगभग ₹33,000 करोड़ का निवेश आकर्षित होगा। उनके अनुसार, “आरईआई और बैटरी शो भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्रांति को गति देने वाले प्रमुख प्लेटफॉर्म साबित हो रहे हैं।”

तकनीक और साझेदारी का वैश्विक प्रदर्शन
एक्सपो में 700 से अधिक कंपनियाँ, 1,000 से ज्यादा ब्रांड और 250 से अधिक वैश्विक विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। तीन दिनों में 35,000 से अधिक आगंतुकों की भागीदारी की उम्मीद है। इस आयोजन में सौर उत्पादन, बैटरी स्टोरेज, ईवी चार्जिंग, पवन ऊर्जा जैसी उभरती तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
साथ ही रिलायंस, अडाणी सोलर, गोल्डि सोलर, हैवल्स, वारी सोलर और विक्रम सोलर जैसी कंपनियों ने अपने नवीनतम ऊर्जा समाधानों का प्रदर्शन किया। जर्मनी, चीन और जापान के देशीय पवेलियन भी एक्सपो का हिस्सा हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मज़बूती देते हैं।

हरित ऊर्जा की दिशा में भारत की मजबूत पहल
यह आयोजन न केवल प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान का केंद्र बना, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक साख का भी परिचायक है। आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में ऐसे आयोजन भारत को ग्रीन इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox