नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ योजना की आलोचना की। शुक्रवार को दिल्ली के नेहरू प्लेस में इलेक्ट्रॉनिक्स तकनीशियनों से मुलाकात की। उन्होंने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें कहा, ‘मेक इन इंडिया’ ने मैन्युफैक्चरिंग बूम का वादा किया था, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग जीडीपी में 2014 के 15.3% से घटकर 2025 में 14% हो गई। युवा बेरोजगारी चरम पर है और चीन से आयात दोगुना हो गया। मोदी जी सिर्फ नारे देते हैं, समाधान नहीं।
राहुल ने दावा किया कि भारत में मोबाइल फोन जैसे उत्पाद केवल असेंबल होते हैं, उनके कलपुर्जे चीन से आयात होते हैं, जिससे वास्तविक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा नहीं मिला। उन्होंने 3 फरवरी 2025 को संसद में भी इस योजना को लागू करने में सरकार की विफलता पर सवाल उठाए थे, कहते हुए कि चीन की मजबूत औद्योगिक व्यवस्था भारत के लिए चुनौती है। बता दें कि दिल्ली के नेहरू प्लेस में दो युवा टेक्निशियन, शिवम और सैफ, से मुलाकात का ज़िक्र करते हुए कहा कि ये दोनों प्रतिभाशाली युवक अपनी क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि भारत का आर्थिक मॉडल उन्हें अवसर नहीं देता।
मेक इन इंडिया को राहुल गांधी ने कहा जुमला
राहुल गांधी ने सीधे तौर पर कहा कि “सच तो ये है कि हम सिर्फ असेंबल करते हैं, आयात करते हैं, लेकिन निर्माण नहीं करते और इसका फायदा चीन उठा रहा है। उन्होंने कहा कि कैसे चीन से आयात में तेजी ने देश की स्थानीय निर्माण क्षमता और नौकरियों पर गंभीर असर डाला है। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ को ‘जुमला’ करार देते हुए कहा कि सरकार ने जो वादा किया था, उसकी जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है।


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