महापौर ने नजफगढ़ जोन के निगम उपायुक्त को हटाने के आयुक्त को दिए निर्देश

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 23, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

महापौर ने नजफगढ़ जोन के निगम उपायुक्त को हटाने के आयुक्त को दिए निर्देश

-नागरिकों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का जोन चेयरमैन ने लगाया था आरोप

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नजफगढ़/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- बीते सप्ताह नजफगढ़ जोन चेयरमैन सत्यपाल मलिक व जोन उपायुक्त भूपेश चौधरी की आपसी खींचतान की चर्चा की गूंज सोमवार को दक्षिणी निगम में सदन में सुनाई दी। जब नजफगढ़ जोन चेयरमैन सत्यपाल मलिक ने बजट चर्चा के लिए बुलाई गई विशेष बैठक में उपायुक्त भूपेश चौधरी पर नागरिकों की समस्याओं को नजर अंदाज करने का आरोप लगाते हुए उन्हे नजफगढ़ उपायुक्त पद से हटाने की मांग की। उन्होने ने यहां तक कह दिया कि अगर उपायुक्त को नही हटाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे। हालांकि उपायुक्त कार्यालय पर ताला लगाने के मामले में पुलिस अभी जांच कर रही है।
                 सत्यपाल मलिक की मांग के बाद महापौर मुकेश सुर्यान ने निगमायुक्त को निर्देश दिए कि उपायुक्त को वहां से तुरंत हटाया जाये। सुर्यान ने कहा कि भूपेश चौधरी की वजह से नगर निगम नहीं चल रहा है। ऐसे में उपायुक्त को तुरंत उनके पद से हटाया जाए। दरअसल, इससे पहले भी जोन चेयरमैन और उपायुक्त में काफी विवाद हो चुका है। गत शुक्रवार को क्षेत्र में दौरा न करने को लेकर सत्यपाल मलिक ने जोन उपायुक्त कार्यालय में उस वक्त ताला लगा दिया था जब उपायुक्त स्वयं कार्यालय में अंदर मौजूद थे। हालांकि अपनी इस कार्यवाही पर जोन चेयरमैन सत्यपाल मलिक का कहना था कि ताला इसलिए लगाया था, ताकि उपायुक्त भूपेश चौधरी की आनलाइन बैठक में कोई व्यवधान न हो। सत्यपाल मलिक ने आगे बताया कि उन्होंने लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए हर महीने पहले और तीसरे बुधवार को जन संवाद कार्यक्रम रखा था। इसकी जानकारी निगमायुक्त को भी दी गई थी, लेकिन उपायुक्त बार-बार आनलाइन बैठक या मुख्यालय में बैठक का हवाला देकर लोगों से जुड़ी समस्याओं के संवाद के इन कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं ले रहे थे। जिसकारण जोन में अधिकारियों व लोगों में गलत संदेश जा रहा था। उनकी बार-बार अपील के बाद भी जब उपायुक्त का रवैया नही बदला तो उन्हे संवाद कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा। उन्होने कहा कि जोन में अवैध इमारतो में खुल शराब के ठेकों के खिलाफ निगम अपनी कार्यवाही कर रहा था तब भी उपायुक्त का रवैया कानून का पक्षधर न होकर शराब माफिया की तरफ नरमी का था और वो शराब ठेकों को सील करने के हक में नही थे। श्री मलिक ने उपायुक्त पर शराब माफिया से मिलीभगत का आरोप भी लगाया।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox