कृषि विज्ञान केंद्र की सोलर प्रदर्शन इकाई का प्रधान सचिव ने किया अवलोकन

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June 27, 2026

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कृषि विज्ञान केंद्र की सोलर प्रदर्शन इकाई का प्रधान सचिव ने किया अवलोकन

-साथ में श्री बी एस जगलान, मुख्य अन्वेषक अधिकारी, दिल्ली जल बोर्ड एवं विशेष सचिव परिवार कल्याण स्वास्थ विभाग, दिल्ली सरकार भी मौजूद रहे

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नजफगढ़/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- मंगलवार को कृषि विज्ञानं केंद्र, उजवा में दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती मनीषा सक्सेना व दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य अन्वेषक अधिकारी एवं परिवार कल्याण स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव श्री बी एस जगलान ने केंद्र के फार्म व सोलर प्रदर्शन इकाई का अवलोकन किया। इस मौके पर केविके के अध्यक्ष, डॉ. पी.के.गुप्ता भी मौजूद रहे।
                कृषि विज्ञान केंद्र उजवा, नई दिल्ली में कृषि-वोल्टाइक प्रणाली को डिजाइन और विकसित किया गया है जिसके माध्यम से बिजली पैदा हो रही है, फसलों की खेती जमीनी स्तर के पीवी-मॉड्यूल के अंतर-अंतरिक्ष क्षेत्र में भी की जाती है। कृषि-वोल्टाइक प्रणाली के लगभग 90 फीसदी भूमि क्षेत्र का उपयोग सब्जी और फूलों की फसलों की खेती के लिए किया जाता है। 2021-22 के दौरान भिंडी, टमाटर, बैंगन, प्याज और लोबिया की कुछ चुनिंदा फसलें उगाई जाती हैं। इनके अलावा, तीन टायर फसल प्रणाली के रूप में अतिरिक्त आय उत्पन्न हुई। पहला टायर (फसल उगाई गई), दूसरा टायर (जमीन और ऊपरी सौर पीवी पैनलों के बीच में) और तीसरा टायर (सौर पीवी पैनल) पिलर बोतल लौकी के साथ अंतर फसल से करेला, पालक, ये सभी फसलें कृषि- सौर प्रणाली (एवीएस) के लिए उपयुक्त हैं। कृषि- सौर प्रणाली के तहत फसल से शुद्ध आय 39,800 रूपये $ पीवी उत्पन्न बिजली 1,29,352 यूनिट (फरवरी से दिसंबर, 2021) है और फसल से खुले क्षेत्र की शुद्ध आय 39,445 रूपये है।
                     इस अवसर पर गणमान्यों ने केंद्र में सोलर प्रदर्शन इकाई में प्रदर्शित फसलों का मूल्यांकन, आय, व्यय एवं शुद्ध आय आदि का अवलोकन किया। वहीं के.वि.के. द्वारा संचालित सभी गतिविधियों की जानकारी केंद्र अध्यक्ष, डॉ.पी.के.गुप्ता ने अतिथियों को दी। उन्होने बताया कि दिल्ली के किसानो को भी कृषि सौर प्रणाली के बारे में जानकारी दी जाए, जिससे अधिक से अधिक किसानो को फायदा हो एवं उनकी आमदनी बढ़े। दिल्ली के किसान अब सीधे तौर पर सोलर निर्माता कंपनी से मिलकर अपने खेतो में कृषि सौर प्रणाली लगा सकते है। कार्यक्रम के अंत में परियोजना की देखरेख कर रहे बागवानी विशेषज्ञ श्री राकेश कुमार ने सभी समिति के सदस्यों का धन्यवाद दिया।

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