मानसी शर्मा/- प्रयागराज महाकुंभ भगदड़ हादसे की जांच तेज हो गई है। जांच के रडार पर तीन बड़े अफसर के नाम हैं। इसमें पहला नाम महाकुंभ डीएम विजय किरण आनंद का है। दूसरा नाम महाकुंभ एसएसपी राजेश द्ववेदी और तीसरा नाम महाकुंभ कमिश्नर विजय विश्वास पंत का है। ये तीनों महाकुंभ भगदड़ को लेकर सवालों के घेरे में हैं। हादसे की जांच करने के लिए डीजीपी प्रशांत कुमार और मुख्य सचिव मनोज कुमार मेला क्षेत्र पहुंचे। डीजीपी प्रशांत कुमार और मुख्य सचिव कुमार सिंह ने संगम नोज पर कल जहां भगदड़ हुई।
वहां पिलर नंबर 158 पर जाकर दौरा किया और समझाने की कोशिश की कि भगदड़ कैसे हुई? हालांकि, महाकुंभ के एसएसपी राजेश द्ववेदी कल ही कर चुके है कि कोई भगदड़ नहीं हुई। डीजीपी और मुख्य सचिव ने वॉच टावर पर चढ़कर पूरे इलाके को डीआईजी वैभव कृष्णा से समझने की कोशिश की और कल ही घटना पर पूरी जानकारी हासिल की। हादसे को लेकर क्या बोले डीजीपी? वहीं, डीजीपी प्रशांत कुमार ने हादसे को लेकर कहा था कि ज्यूडीशिल इन्वेस्टिगेशन चल रही है। उसके बारे में अभी से कैसे बताएं। जांच हो जाने के बाद जानकारी दी जाएगी।
डीजीपी प्रशांत कुमार और मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह एसएसपी महाकुंभ के ऑफिस में पहुंचे और बैठक की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने प्रयागराज हादसे की समीक्षा बैठक में कमिश्नर के बयान का जिक्र किया। महाकुंभ कमिश्नर कर रहे थे अपील बता दें कि महाकुंभ कमिश्नर विश्वास पंत ने संगम क्षेत्र में आए श्रद्धालुओं से अपील कर रहे थे कि यहां से उठ जाओं नहीं, तो भगदड़ मच जाएगी। कमिश्नर का यह बयान काफी वायरल हुआ था। उनका वीडियो पर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। हालांकि, फिलहाल भगदड़ हादसे की जांच तेज हो गई है। साथ ही ज्यूडीशिल टीम हादसे की जांच कर रही है।


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