मनीराम के बैंक खाते में आखिर किसने किया 18 करोड़ का लेन-देन, फर्जीवाड़े का जिम्मेदार कौन…?

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 10, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

मनीराम के बैंक खाते में आखिर किसने किया 18 करोड़ का लेन-देन, फर्जीवाड़े का जिम्मेदार कौन…?

-मनीराम ने बैंक में जमा किए 1 लाख रूपये, लेन-देन हो गया 18 करोड़ रुपये का -फर्जीवाड़े की शिकायत के बावजूद बैंक व पुलिस नही कर रही कार्यवाही -जालसाजो ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अधिकारियों से मिलीभगत कर की 18 करोड़ रुपये की हेराफेरी

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- प्रीतमपुरा दिल्ली स्थित प्राइवेट बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में फर्जीवाड़े का एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। जिसमें एक व्यक्ति ने अपने खाते में सिर्फ एक लाख रूपये जमा किये लेकिन एक साल के अंदर उसके खाते में 18 करोड़ का लेन-देन हो गया और जब खाता धारक ने इसकी शिकायत बैंक अधिकारियों व पुलिस को की तो कार्यवाही की बजाये स्वयं खाता धारक को ही धमकिया मिलनी शुरू हो गई। अब सवाल यह उठता है कि आखिर एक खाते में 18 करोड़ का लेन-देन किसने और किस मकसद से किया। क्या इस फर्जीवाड़े में बैंक अधिकारी व कर्मी भी शामिल थे। खाते का स्टेटस देखने से तो यही लगता है कि बैंक कर्मचारियों ने ही ये फर्जीवाड़ा किया है तो आखिर वो कौन लोग है जिनके लिए बैंक कर्मियों ने ये काम किया। क्या ये पैसा हवाला का था या फिर किसी आतंकवादी संगठन का था। खाता धारक मनीराम ने केंद्र सरकार से इस मामले की ईडी व सीबीआई से जांच कराने की मांग की है ताकि असलियत सबके सामने आ सके। फिलहाल मनीराम ने मामला के शिकायत एक बार फिर पुलिस में दी है अब देखना यह है कि पुलिस पहले की तरह इस मामले को रफा-दफा कर देगी या फिर इस पर निष्पक्ष कार्यवाही कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजेगी।  
               यहां बता दें कि 4 अक्तुबर 2019 को मनीराम नामक एक युवक ने, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के एजेंटो के कहने पर बैंक में एक खाता खोला था व उसमें एक लाख रुपये आरम्भ में जमा करवाए थे। तब बैंक एजेंट ने फार्म भरवा कर व सभी जरूरी कागजात ले कर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली थी। कुछ दिनों पश्चात बैंक एजेंट ने मनीराम को उस का बैंक एकाउंट नम्बर दिया जो कि 10048729761 था व प्रीतमपुरा शाखा मे था। ऐजेंट ने बताया कि बैंक पास बुक, चैक बुक किट जल्दी ही डाक द्वारा मनीराम के घर के पते पर आएगी। परन्तु काफी दिनों तक जब मनीराम को डाक से कुछ नहीं आया, तो मनीराम ने एजेंट को दो-तीन बार फोन किया परन्तु हर बार फोन व्यस्त आ रहा था। ऐसे ही कुछ समय और बीत गया, तभी अचानक पुरे भारत मे कोरोना की वजह से लॉक डाउन लग गया व सभी कार्य बन्द हो गये। लॉक डाउन में मनीराम का बिजनेस भी ठप्प हो गया। ऐसे ही लगभग 1 साल और बीत गया।
               दिनांक 30.03.2021 को मनीराम कुछ काम से हौजखास, दिल्ली गये, तो वहाँ उन्होंने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की एक शाखा देखी। तब मनीराम ने उस ब्रांच में जाकर, अपना एकाउंट नम्बर बता कर पूछा कि उसका एकाउंट बंद तो नहीं हो गया है। तब बैंक कर्मचारी ने कम्प्यूटर पर सर्च कर बताया कि एकाउंट चालू है व उसमें लगभग 18 लाख रुपए बैलेंस जमा है। तब मनीराम ने रिक्वेस्ट कर अपनी बैंक स्टेटमेन्ट निकलवायी तो उसने पाया कि उसमें लगभग 18 करोड़ रूपए की आवा जाही हो चुकी है। यह देख कर मनीराम का दिमाग चकरा गया। तब मनीराम ने यह जाँचने के लिए कि यह उसका ही एकाउंट है। बैंक कर्मचारी से रिक्वेस्ट कर अपने खाते से 2 लाख रुपये अपने एक जानकार के खाते में ट्रास्फर कर दिये, जो कि सफलता पुर्वक हो गये। उस दिन मनीराम को एक जरूरी कार्य से आगरा जाना था तो वह बैंक से निकलकर आगरा चला गया, व अगले दिन आगरा से ट्रेन से आन्ध्रप्रदेश   चला गया। आंध्रप्रदेश पंहुच कर मनीराम आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की एक ब्रांच मे गया, और दिनांक 03.04.2021 को अपने एकाउंट की डिटेल जाननी चाही तो बैंक कर्मचारीयों ने बताया कि आप का बैंक एकाउंट तो 31-03-2021 को ही बंद कर दिया गया है।          
              तब मनीराम ने अपनी एकाउंट स्टेटमेंट बैंक से ली, तो पाया की लगभग 18 करोड़ का फर्जी लेन-देन उस के खाते में किया गया है जिसमें अनेकों कम्पनियों के नाम शामिल है। तब मनीराम ने बैंक के टोल फ्री नम्बर 1800 419 7332 पर इस सारे फर्जीवाड़े की शिकायत की। बैंक ने इस शिकायत के बारे में शिकायत नम्बर 1004 369596 मनीराम को दिया व जांच करने की बात की।
              मनीराम द्वारा टोल फ्री नम्बर पर शिकायत करने के लगभग दो घन्टे बाद, उसके मोबाईल नम्बर पर प्रीतमपुरा शाखा से एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने बताया कि उसका नाम संजय शर्मा है और वह प्रीतमपुरा शाखा का मैनेजर है। उसने मनीराम से सारी बात पुछी व अन्त मे बोला कि इस सब में मनीराम की ही गलती है अतः संजय शर्मा या बैंक कुछ नहीं कर सकते हैं। मनीराम जहाँ चाहे शिकायत करे या कोर्ट जाएं।
               संजय शर्मा के फोन के कुछ समय बाद उसी दिन ही एक अन्य फोन (मोबाईल नम्बर 84481 78249 से) मनीराम के पास आया कि वह दिल्ली पुलिस डी. सी. पी. आफिस से बोल रहा है और मनीराम अपनी शिकायत वापिस ले ले अन्यथा उसके साथ कुछ भी हो सकता है। इस धमकी से मनीराम घबरा गया। इसके बाद मनीराम ने सैकड़ों शिकायते बैंक, आर बी आई, प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्री कार्यालय, दिल्ली पुलिस आदि को की, परन्तु किसी भी आफिस ने उसकी शिकायतों पर कारवाई नहीं की व शिकायतों को इस विभाग से उस विभाग में भेजते रहे।  
                थकहार कर मार्च 2022 में मनीराम ने अधिवक्ता उमेश यादव के माध्यम से रोहिणी कोर्ट में एक शिकायत केस फाईल कर सभी अपराधियों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने का निवेदन कोर्ट से किया। तब मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सम्बन्धीत थाने से ’कारवाई रिपोर्ट मंगवाई। तब संबंधित थाने के इन्क्वायरी आफिसर ने लिख भेजा कि संबंधित बैंक शाखा उनके अधिकार क्षेत्र में स्थित नहीं है। इस प्रकार पुलिस ने एक बार फिर बैंक के खिलाफ एफ आई आर दर्ज नहीं की और आरोपियों को बचा लिया।
           अन्त में मई 2022 में अधिवक्ता उमेश यादव ने मनीराम के साथ हुए इस फर्जीवाड़े का केस, रोहिणी कोर्ट के मुख्य महानगर दण्डाधिकारी रोहित गुलीया की कोर्ट में दायर कर अपराधियों को पकड़ने व सजा देने की प्रार्थना की। इस केस की सुनवाई की अगली तारीख 01.07.2022 है।
            अधिवक्ता उमेश यादव ने बताया कि पुलिस व बैंक अधिकारी अज्ञात कारणों से करोड़ों रुपये के इस फर्जीवाडे के अपराधियों को बचाने की चेष्टा कर रहे हैं, वरना शिकायत मिलने पर स्वयं बैंक अधिकारियों को जांच कर पुलिस में एफ आई आर दर्ज करवानी चाहिए थीं, व पुलिस को अपराधियों की खोज कर उन्हें सजा दिलवानी चाहिए थी। पुलिस व बैंक द्वारा अपना कर्तव्य का निर्वहन न करने पर ही मनीराम को मुख्य महानगर दण्डाधिकारी की कोर्ट मे यह निजि परिवाद दायर करना पड़ा है। उनका मुख्य मकसद इस मामले की सच्चाई सबके सामने लाना और अपराधियों को सजा दिलवाना है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox