भारत में चुनाव ला सकते है कोरोना की सुनामी, यूके के डॉक्टर ने दी चेतावनी

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भारत में चुनाव ला सकते है कोरोना की सुनामी, यूके के डॉक्टर ने दी चेतावनी

-कहा, इंग्लैंड में बूस्टर डोज के बाद भी डेढ़ लाख केस आ रहे रोज

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/ब्रिटेन/शिव कुमार यादव/- भारत में पांच राज्यों में होने वाले चुनावों को लेकर यूके के डॉक्टर ने बड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ये चुनाव भारत में कोरोना की सुनामी ला सकते हैं। उन्होने कहा कि भारत सरकार कोरोना वैक्सीन के भरोसे ना रहे क्योंकि ब्रिटेन में ओमिक्रॉन में तीन डोज ले चुके लोग भी संक्रमण का शिकार बन रहे हैं। यूके में तो 62 फीसदी आबादी को बूस्टर डोज लग चुका है, फिर भी हर रोज करीब डेढ़ लाख केस आ रहे हैं। करीब 20 हजार लोगों को हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ रहा है। ऐसे में यदि भारत में ओमिक्रॉन संक्रमण फैला तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है।

यह कहना है ब्रिटेन स्थित ग्लोबल हेल्थ अलायंस के फाउंडर और डायरेक्टर डॉ. रजय नारायण का। ओमिक्रॉन को लेकर डॉ. नारायण ने क्या कहा आईये जानते हैं। उन्होने भारत में लगातार तीसरे दिन डेढ़ लाख से ज्यादा कोरोना केस आने पर कहा कि देखिए, आप ब्रिटेन की स्थिति से भारत का अंदाजा लगाइए। हमारे यहां 95 फीसदी लोगों को फर्स्ट डोज, 82 फीसदी को सेकंड डोज और 62 फीसदी को बूस्टर डोज लग चुका है, इसके बावजूद हर रोज डेढ़ से दो लाख केस आ रहे हैं, क्योंकि ओमिक्रॉन इम्यून सिस्टम को धोखा देकर संक्रमित कर देता है। चाहे आपने कोई भी वैक्सीन ली हो, इस वायरस में उसे बायपास करने की ताकत है। इस हिसाब से मुझे लगता है कि भारत में अगले तीन से चार हफ्तों में केस बहुत तेजी से बढ़ेंगे। हर रोज 3 से 4 लाख तक केस आ सकते हैं। फरवरी के दूसरे हफ्ते तक पीक आ सकता है।

ओमिक्रॉन के घातक न होने की बात पर उन्होने कहा कि जिन लोगों को तीनों डोज लग चुके हैं वो भी संक्रमित हो रहे हैं। जिन्हें पहले कोविड हो गया वो भी इसका शिकार हो रहे हैं। ऐसे में आप यह बिल्कुल नहीं कह सकते कि यह घातक नहीं है। दुनिया की कोई भी वैक्सीन सिर्फ 70 से 75 परसेंट प्रोटेक्शन ही दे पाती है। 25 परसेंट की रिस्क तो हमेशा होती है। यह जरूर है कि, ओमिक्रॉन में माइल्ड इंफेक्शन हो रहा है, लेकिन किसकी बॉडी में जाकर यह कैसा रिएक्शन करेगा, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। कई नौजवान भी इससे गंभीर बीमार हो रहे हैं। ऐसे में इसे हल्के में लेना बिल्कुल सही नहीं है।

तीन महीने पहले यूके में दो से ढाई हजार लोगों को हॉस्पिटल में एडमिट करवाना पड़ रहा था अब यह आंकड़ा 20 हजार तक पहुंच गया है। बुजुर्गों को खासतौर पर अलर्ट रहने की जरूरत है।

उन्होने भारत में होने वाले चुनावों पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि चुनाव को यदि कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया जाता तो बहुत अच्छा होता। यूके में तो फुटबॉल मैच तक रद्द कर दिए गए हैं, जो यहां बहुत ज्यादा पॉपुलर हैं। भारत के पांच राज्यों में होने वाले चुनाव देश में कोरोना की सुनामी ला सकते हैं। यह बात सही है कि चुनावी कार्यक्रमों में युवा वर्ग ज्यादा शामिल होता है, जिन्हें इंफेक्शन का ज्यादा खतरा नहीं होता, लेकिन जब ये लोग अपने घरों में जाएंगे तो मां-बाप, दादा-दादी के लिए खतरा बनेंगे। ऐसे में बड़ी रैलियां तो बिल्कुल नहीं करना चाहिए। 20 लोगों की भीड़ ही बहुत तेज स्पीड से वायरस को फैला सकती है।

साल 2022 में और भी नए वैरिएंट्स आ सकते हैं। इस पूरे साल यह सिलसिला जारी रह सकता है। ओमिक्रॉन के पहले ही हमें लग रहा था कि सब कुछ नॉर्मल हो गया, लेकिन देखते ही देखते हालात फिर लॉकडाउन जैसे हो गए। कोई भी महामारी दो से चार साल तक अपना असर दिखाती है। फिर खत्म हो जाती है। कोरोना के मामले में ये भी हो सकता है कि हमें हर साल इसका एक बार डोज लेना पड़े।

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