भारत ने क्वाड को लेकर चीन की चिंताओं को किया खारिज, विदेश मंत्री जयशंकर ने दिया जवाब

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 11, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

भारत ने क्वाड को लेकर चीन की चिंताओं को किया खारिज, विदेश मंत्री जयशंकर ने दिया जवाब

-क्वाड बैठक में शामिल हुए भारत और ऑस्ट्रेलिया के विदेश एवं रक्षा मंत्री,

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बीते शनिवार क्वाड से जुड़ी चीन की आलोचना को ख़ारिज करते हुए कहा है कि ये ज़रूरी है कि वास्तविकता को ग़लत ढंग से पेश न किया जाए। जयशंकर ने ये बात भारत और ऑस्ट्रेलिया के विदेश एवं रक्षा मंत्रियों के बीच हुई बैठक के बाद एक प्रेस वार्ता के दौरान कही। इस प्रेस वार्ता में ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री मैरिस पैन, रक्षा मंत्री पीटर डटेन और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिस्सा लिया। ऑस्ट्रेलियाई विदेश एवं रक्षा मंत्री ने अपनी इस बैठक के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाक़ात की।
                 बता दें कि इससे पहले चीन ने ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, भारत और जापान के संगठन क्वाड को एशियाई देशों के नेटो संगठन की संज्ञा देते हुए इसकी आलोचना की थी। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने बीती 13 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि “हम सभी जानते हैं कि क्वाड किस तरह का तंत्र है। एक अलग गुट बनाने, चीन को एक चुनौती के रूप में पेश करने, क्षेत्र के देशों और चीन के बीच कलह पैदा करने के कुछ देशों के प्रयासों का चीन विरोध करता है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने ये भी कहा था कि “जहां तक क्वाड का संबंध है, मुझे लगता है कि भारत इस तंत्र की मंशा को हमसे बेहतर जानता है। क्या इसका इरादा चीन के खिलाफ एक छोटे-से गुट को खड़ा करना नहीं है?“ इसके अलावा चीन अलग-अलग मौकों पर इस संगठन को लेकर स्पष्ट शब्दों में आलोचना करता रहा है।
                    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इस प्रेस वार्ता में भारत और ऑस्ट्रेलिया ने चीन द्वारा दी गयी क्वाड की परिभाषा को ख़ारिज किया। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन को जवाब देते हुए कहा कि ये बेहद अहम है कि वास्तविकता को ग़लत ढंग से पेश न किया जाए, और ये समूह इन देशों और वैश्विक कल्याण में काम करने का मंच है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि नॉटो एक शीत युद्ध से जुड़ा टर्म है जो कि इतिहास की ओर देखता है। वहीं, क्वाड भविष्य में झांकता है, ये भूमंडलीकरण को दर्शाता है और देशों के एक साथ मिलकर काम करने की ज़रूरत को सामने रखता है।“ क्वाड की नॉटो से तुलना पर जयशंकर ने कहा, “मैं ऐसे मुद्दों और नेटो या उस जैसी किसी अन्य संस्था के बीच किसी तरह का संबंध नहीं पाता हूं। ऐसे में मुझे लगता है कि ये बेहद अहम है कि वास्तविकता को ग़लत ढंग से पेश न किया जाए।
                     बैठक के बाद जयशंकर ने ये भी कहा कि इस बैठक में अफ़ग़ानिस्तान पर विशेष रूप से चर्चा की गयी और दोनों पक्ष इस बात पर राज़ी हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अपने रुख में एकजुट रहने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय रुख का निर्धारण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव के 30 अगस्त को लिए गए प्रस्ताव के आधार पर होना चाहिए जिसमें इस बात पर ज़ोर दिया गया कि अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं हो. और, यूएनएससी प्रस्ताव 1267 के तहत आतंकी ठहराए गए व्यक्तियों एवं संगठनों के लिए भी न हो।
                     ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री मैरिस पैन ने एस जयशंकर की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपने संबंधों को ऊर्जा प्रदान की है। ऐसे में दोनों देशों के पास क्वाड जैसे छोटे समूहों एवं पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन एवं दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संगठन आसियान जैसे क्षेत्रीय मंचों के ज़रिए साथ काम करने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि “हमारा वैक्सीन, जलवायु परिवर्तन और अहम तकनीक आदि को लेकर एक सकारात्मक एवं व्यावहरिक उद्देश्य है। इसके साथ ही हम कोविड महामारी से जुड़े दुष्प्रचारों से निपटने में लगे हैं।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox