बड़े-बड़े दांवों के बावजूद चीन में फेल हुआ विंटर ओलंपिक

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बड़े-बड़े दांवों के बावजूद चीन में फेल हुआ विंटर ओलंपिक

-खाली स्टेडियम, खराब खाना और सख्त क्वारंटीन नियमों ने बिगाड़ा खेल
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/बीजिंग/भावना शर्मा/- चीन के बड़े-बड़े दांवों के बावजूद बीजिंग विंटर ओलंपिक बुरी तरह से फेल हो गया। हालांकि चीन इसकी सफलता के काफी दांवे कर रहा था लेकिन विंटर ओलंपिक में खाली पड़े स्टेडियमों, खराब खाने व कोरोना के सख्त नियमों ने चीन का पूरा खेल बिगाड़ दिया। हालांकि चीन के विंटर ओलंपिक को लेकर ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों ने मानवाधिकार हनन को लेकर राजनयिक बहिष्कार करना शुरू कर दिया था।
               बीजिंग विंटर ओलंपिक के जरिए चीन का इरादा अपनी उपलब्धियों का गुणगान दुनियाभर में करना था. लेकिन इस बार विंटर ओलंपिक किसी विनाशकारी विफलता से कम नहीं साबित हुआ है। ओलंपिक में हिस्सा लेने आए खिलाड़ियों को खराब खाना खाने को मजबूर होना पड़ा है। इसके अलावा, उन्हें सख्त कोविड प्रतिबंधों को झेलना पड़ा है। विंटर ओलंपिक की सबसे बड़ी विफलता यह रही कि खिलाड़ियों ने खाली स्टेडियमों में परफॉर्म किया है। इसके लिए माना जा रहा है चीन को डर था कि कहीं कुछ लोग स्टेडियमों में जाकर वहां होने वाले जुल्मों की पोल न खोल दें।
               विंटर ओलंपिक से पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वादा किया था कि चीन ओलंपिक के लिए तैयार है और यह सुरक्षित एवं शानदार तरीके से खेलों का आयोजन करेगा. लेकिन ओलंपिक की शुरुआत से पहले ही ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों ने मानवाधिकार हनन को लेकर इसका राजनयिक बहिष्कार करना शुरू कर दिया था। चीन ने ओलंपिक में भाग ले रहे खिलाड़ियों को चेताया था कि उन्हें खेलों में भाग लेने के दौरान चीन में घट रही उइगर मुस्लिमों की आबादी को लेकर टिप्पणियां नहीं करनी हैं। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि चीन उइगर लोगों का नरसंहार कर रहा है।
                 चीन पर अंतर-संसदीय गठबंधन का समन्वय करने वाले मानवाधिकार प्रचारक ल्यूक डी पुलफोर्ड के अनुसार, ओलंपिक गेम्स विनाशकारी विफलता रहे हैं। उन्होंने टेलिग्राफ में लिखा, ‘बीजिंग 2022 विंटर ओलंपिक कितना खराब रहा है। इसे बारे में बात करना ज्यादा मुश्किल नहीं है। ये इतना खराब रहा है कि हैशटैग ‘ओलंपिक फ्लॉप और ‘जीनोसाइडगेम्स’ चल रहे हैं। चीन इस तरह का पीआर नहीं चाहता था.।’ उन्होंने कहा, ‘वास्तव में चीन इसके जरिए विश्व में अपने देश में हुए कार्यों का बखान का प्रोपेगैंडा फैलाना चाहता था। जिसमें वह सफल नही हुआ।
                ओलंपिक से पहले चीन में लॉकडाउन लागू किया गया। इस वजह से विदेशों दर्शक चीन नहीं पहुंच पाए और स्थानीय लोगों को भी टिकटें नहीं दी गईं। ऐसे में खिलाड़ियों को खाली स्टेडियमों में परफॉर्म करना पड़ा। खाली स्टेडियमों की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। खिलाड़ियों को सख्त क्वारंटीन में रखा गया, जो वहां की खराब सुविधाओं की वजह से रो पड़े। यही नहीं खिलाड़ियों को अच्छा भोजन भी नहीं दिया। रूसी खिलाड़ी वैलेरिया वासनेत्सोवा ने एक तस्वीर पोस्ट कर बताया कि उन्हें कितना खराब खाना रोज परोसा जा रहा है। इसके अलावा, ओलंपिक विलेज में लीकेज की तस्वीरें भी सामने आईं।

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