बैंकों में लौटेगी रफ्तार, SBI की रिपोर्ट में बड़ा संकेत

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-आईपीओ का पैसा खत्म, लोन की मांग फिर तेज़

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-   भारत के बैंकिंग सेक्टर के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की ताजा आर्थिक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में लोन की जिस धीमी रफ्तार ने चिंता बढ़ाई थी, वह अब दोबारा तेजी पकड़ने जा रही है। एसबीआई ने साफ किया है कि लोन की मांग में आई गिरावट कोई बड़ी समस्या नहीं थी, बल्कि यह अल्पकालिक स्थिति थी, जिसका मुख्य कारण हाल के महीनों में आए कई बड़े आईपीओ थे।

आईपीओ की बाढ़ ने क्यों घटा दी थी लोन की मांग?
पिछले महीनों में बाजार में लगातार IPO लॉन्च हुए, जिनसे कंपनियों ने भारी मात्रा में सस्ते दाम पर पूंजी जुटाई। जब कंपनियों के पास बाजार से आसानी से पैसा आ गया, तो उन्होंने बैंक लोन लेने की बजाए उसी फंड का उपयोग किया। कई कंपनियों ने तो इसी पैसे से अपने पुराने कर्ज तक चुका दिए, जिससे बैंक क्रेडिट ग्रोथ अचानक धीमी पड़ गई।
एसबीआई की रिपोर्ट कहती है कि “आईपीओ से जुटाया गया अधिकांश पैसा अब खर्च हो चुका है, इसलिए कंपनियों को दोबारा बैंकों की ओर रुख करना होगा।”

किन सेक्टर्स ने सबसे ज्यादा लोन कम किया?
रिपोर्ट बताती है कि IPO गतिविधियों और बैंक लोन के बीच अक्सर उल्टा संबंध देखा जाता है—जब IPO ज्यादा होते हैं, बैंक लोन धीमी हो जाती है।
इस बार भी वही pattern दिखा। जिन क्षेत्रों ने IPO के जरिए सबसे ज्यादा पूंजी जुटाई, वहीं पर बैंक कर्ज की मांग सबसे ज्यादा घटी। इनमें शामिल हैं—

फाइनेंस

ऑटोमोबाइल

फार्मा

टेलीकॉम

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स

इंफ्रास्ट्रक्चर

अब कंपनियां फिर मांग रही हैं वर्किंग कैपिटल
एसबीआई का कहना है कि अब हालात बदल रहे हैं। कंपनियां अपने रोजमर्रा के खर्च, कच्चा माल खरीद और उत्पादन जरूरतों को पूरा करने के लिए फिर से वर्किंग कैपिटल लोन की मांग कर रही हैं।
यह साफ संकेत है कि:

उद्योगों में गतिविधियां बढ़ रही हैं उत्पादन तेज हो रहा है आईपीओ वाला फंड अब समाप्त हो चुका है

इसके अलावा, कंपनियां अपनी क्रेडिट लिमिट का भी पहले से ज्यादा उपयोग कर रही हैं, जो बताता है कि आने वाले समय में लोन ग्रोथ में मजबूत उछाल देखने को मिलेगा।

RBI की भूमिका होगी महत्वपूर्ण
कर्ज वितरण में बढ़त बनाए रखने के लिए आरबीआई को बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त तरलता (Liquidity) बनाए रखनी होगी।
एसबीआई का मानना है कि यदि—

बाजार में नकदी की कमी नहीं होगी ब्याज दरें स्थिर रहेंगी बैंकों के पास पर्याप्त कैश उपलब्ध रहेगा तो लोन ग्रोथ आने वाले महीनों में और भी मजबूत हो सकती है। 

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox