संसद के शीतकालीन सत्र से पहले पीएम मोदी का विपक्ष पर तीखा प्रहार

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
July 8, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-“यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए” — प्रधानमंत्री

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-    संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को कड़ा संदेश दिया। सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने साफ कहा कि संसद बहस और नीति निर्माण की जगह है, न कि राजनीतिक ड्रामा का मंच। उन्होंने कहा कि “ड्रामा करने के लिए जगहों की कमी नहीं है। जिसे करना हो करे, लेकिन संसद में ड्रामा नहीं—डिलीवरी होनी चाहिए।”

शीतकालीन सत्र को बताया विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सत्र केवल परंपरा नहीं है, बल्कि यह देश की विकास गति को नई ऊर्जा देने वाला अवसर है। उन्होंने कहा कि भारत ने हर दौर में लोकतंत्र को मजबूती से जिया है और यह सत्र भी लोकतांत्रिक उत्साह को और सशक्त करेगा।

पहली बार चुनकर आए सांसदों को मौका न मिलने पर चिंता
पीएम मोदी ने विपक्ष के हंगामे पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कई युवा और पहली बार चुनकर आए सांसद अपनी बात तक नहीं रख पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “हर दल को चाहिए कि वह अपनी नई पीढ़ी के सांसदों को बोलने का मौका दे। उनका अनुभव और विचार सदन को समृद्ध करेंगे।”

“नारे नहीं, नीति पर ज़ोर”—विपक्ष को दो-टूक संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि नारों की राजनीति करने वालों के लिए पूरा देश है, लेकिन संसद में नीतियों पर चर्चा होना आवश्यक है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा:
“जहां पराजित होकर आए हो, वहां जितने नारे बुलवाने हों बुलवा लो। लेकिन सदन में केवल नारेबाज़ी नहीं चलेगी; यहां देशहित की नीतियों पर बात होनी चाहिए।”

सकारात्मक राजनीति की जरूरत बताई
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि राजनीति में नकारात्मकता किसी को कुछ समय के लिए फायदे दे सकती है, लेकिन देश निर्माण के लिए सकारात्मक सोच अनिवार्य है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष इस दिशा में गंभीरता से विचार करेगा।

जीएसटी रिफॉर्म्स और नए सभापति पर भी की टिप्पणी
प्रधानमंत्री ने नए सभापति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीएसटी के नेक्स्ट-जेन सुधारों ने देश में विश्वास का माहौल बनाया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।

सदन को चुनावी राजनीति का मंच बनाने पर नाराजगी
पीएम मोदी ने कुछ दलों पर आरोप लगाया कि वे अपने राज्यों में बढ़ती एंटी-इंकम्बेंसी और असंतोष को छिपाने के लिए संसद में हंगामा करते हैं। उन्होंने कहा कि सदन को राज्य की राजनीति या चुनावी गुस्से के लिए इस्तेमाल करने की नई परंपरा को बंद होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने व्यंग्य करते हुए कहा कि “मैं तैयार हूं उन्हें टिप्स देने के लिए कि कैसे बेहतर प्रदर्शन किया जाए; लेकिन सांसदों के अधिकारों पर रोक न लगाएँ।”

“सांसदों को बोलने दें, उनकी आवाज़ दबाना अन्याय”—पीएम मोदी
अंत में पीएम मोदी ने सभी दलों से आग्रह किया कि वे सांसदों को बोलने का पर्याप्त अवसर दें। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी निराशा या हार की कुंठा में सांसदों की अभिव्यक्ति पर रोक न लगाए।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox