ढाका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ चल रहे एक मामले पर सोमवार को ढाका स्थित अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल-बांग्लादेश) ने
फांसी की सजा सुनाई है। उन्हें मानवता के खिलाफ 5 गंभीर मामलों में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई है। शेख हसीना को निहत्थे प्रदर्शनकारियों को जान से मरवाने का दोषी ठहराया गया है। साथ ही 3 दिन में शेख हसीना को गिरफ्तार करने का आदेश भी दिया है। इस मामले पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई थी क्योंकि सरकारी अभियोजकों ने मृत्युदंड की अपील की थी। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री को पिछले साल सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों में आरोपी बनाया गया है। कानून व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं के बीच सेना व बीजीबी को अलर्ट रखा गया है।

बता दें कि शेख हसीना के मामले में 453 पेज का जजमेंट आया, जो 6 पार्ट में पढ़ा गया. फैसला जस्टिस गुलाम मुर्तजा की अगुवाई वाली 3 जजों की बेंच ने सुनाया। इसमें जस्टिस मुर्तजा के अलावा जस्टिस मोहम्मद शफीउल आलम महमूद और जस्टिस मोहम्मद मोहितुल हक एनाम चौधरी भी शामिल हैं।
इससे पहले हसीना ने कहा था कि उन पर लगे सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं और वे ऐसे फैसलों की परवाह नहीं करतीं। आईसीटी के फैसले से पहले अपने समर्थकों को जारी एक ऑडियो संदेश में हसीना ने कहा था कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार उनकी पार्टी को खत्म करना चाहती है। हसीना ने कहा था कि यह इतना भी आसान नहीं है। आवामी लीग जमीन से उठी पार्टी है।

बता दें कि अभियोजन पक्ष की तरफ से हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध के आरोपों से जुड़े इस केस में मौत की सजा देने की मांग की गई है। ऐसे में अगर कोर्ट का फैसला शेख हसीना के खिलाफ आता है तो बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़कने की आशंका है। इस बीच मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने देशभर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उधर ढाका पुलिस के कमिश्नर शेख मोहम्मद सज्जात अली ने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया है कि अगर कोई बसों को आग लगाने की कोशिश करे या क्रूड बम फेंके, तो उन पर गोली चलाई जाए।
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं और गश्त-टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते में देशभर में लगभग 40 आगजनी की घटनाएं (ज्यादातर बसों को निशाना बनाकर) और दर्जनों बम विस्फोट हुए हैं। इनमें दो लोगों की मौत भी हुई।

बांग्लादेश में बॉर्डर गार्ड्स की भी तैनाती
बांग्लादेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी), रैपिड एक्शन ब्रिगेड (आरएबी) और सेना के जवानों को प्रमुख चोक प्वाइंट्स पर तैनात किया गया है। इस कदम को कानूनी तौर पर सही ठहराने के लिए पुलिस ने दंड संहिता की धारा 96 के तहत निजी रक्षा का हवाला दिया है। हालांकि, मानवाधिकार समूहों ने इस आदेश पर पहले के भारी दुरुपयोगों के तथ्य को ध्यान दिलाते हुए चिंता जताई है।
आवामी लीग ने बुलाया बांग्लादेश बंद
शेख हसीना को लेकर फैसले के दिन उनकी पार्टी आवामी लीग ने बांग्लादेश बंद का आह्वान किया है। पार्टी का दावा है कि उसकी नेता के खिलाफ सभी आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।


More Stories
उत्तराखंड: विकास परियोजनाओं की सौगात के साथ 28वीं यात्रा
नोएडा में बेकाबू हुआ मजदूरों का गुस्सा, कई गाड़ियों में आगजनी
आरजेएस पीबीएच का 538वां राष्ट्रीय वेबिनार संपन्न
अंतरराज्यीय ऑटो-लिफ्टर गैंग का पर्दाफाश, 6 बाइक बरामद
द्वारका जिले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, शातिर वाहन चोर गिरफ्तार
250 CCTV खंगालकर चेन स्नैचिंग करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार