नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/लखनऊ/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी द्वारा छोटे दलों के साथ चुनाव लड़ने के ऐलान पर तंज कसते हुए बसपा सुप्रीमों मायावती ने कहा कि जिस पार्टी की सोच स्वार्थी, संकीर्ण व दलित विरोधी हो तो उस पार्टी के साथ कौन बड़ा दल गठबंधन करेगा। उसकी छोटे दलों के साथ चुनाव लड़ना तो लाचारी ही होगी।
उत्तर प्रदेश में साल 2022 में विधान सभा चुनाव होना है. ऐसे में सभी दल चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। माना जा रहा है विधान सभा चुनाव में बीजेपी, सपा और बीएसपी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा. इस बीच बीएसपी सुप्रीमो मायावती एक सधी हुई नीति के तहत समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमला बोला है। मायावती ने छोटे दलों से सपा के गठबंधन को लेकर निशाना साधा है। मायावती ने कहा कि विधान सभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का छोटे दलों के साथ चुनाव लड़ना महालाचरी है. समाजवादी पार्टी की घोर स्वार्थी, संकीर्ण, दलित विरोधी सोच और कार्यशैली आदि के कड़वे अनुभवों और इसकी भुक्तभोगी होने के कारण देश की अधिकतर बड़ी पार्टियां चुनाव में इनसे किनारा करना ही ज्यादा बेहतर समझती हैं. यह तो सभी जानते ही हैं।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि इसी कारण उत्तर प्रदेश के होने वाले विधान सभा चुनाव अब समाजवादी पार्टी किसी भी बड़ी पार्टी के साथ नहीं बल्कि छोटी पार्टियों के गठबंधन के सहारे ही लड़ेगी. समाजवादी पार्टी का ऐसा कहना और करना महालाचारी नहीं है तो और क्या है? सोशल मीडिया पर बेहद एक्टिव मायावती लगातार ट्विटर पर बीजेपी, कांग्रेस और सपा पर हमला बोलती रहती हैं। पंजाब में विधान सभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन कर उतरने वाली मायावती ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अकेले ही विधान सभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
-सपा को बताया स्वार्थी, स्कीर्ण व दलित विरोधी पार्टी, नही करेगा कोई बड़ा दल गठबंधन


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