अब पार्कों में नही हो सकेंगे सामाजिक व सांस्कृतिक समारोह, एनजीटी ने दिया आदेश

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August 17, 2026

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अब पार्कों में नही हो सकेंगे सामाजिक व सांस्कृतिक समारोह, एनजीटी ने दिया आदेश

-याचिका पर एनजीटी बेंच ने डीडीए की कार्यवाही पर जांच के लिए किया संयुक्त कमेटी का गठन
-याचिका पर एनजीटी बेंच ने डीडीए की कार्यवाही पर जांच के लिए किया संयुक्त कमेटी का गठन

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी ने सार्वजनिक पार्कों में होने वाले सामाजिक, सांस्कृतिक, वाणिज्यिक व विवाह समारोहों के साथ-साथ अन्य कार्यों के इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगा दी है। एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि पार्क में इस तरह की गतिविधियां आयोजित नही की जायेंगी। इसके साथ ही एनजीटी ने सोमवार को एक कमेटी का गठन कर जिला पार्क में एक मंदिर को डीडीए द्वारा जगह आवंटित किये जाने के खिलाफ दायर याचिका पर रिपोर्ट मांगी है।


एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली बेंच ने एक कमेटी का गठन किया, जिसमें जिला मजिस्ट्रेट, उत्तरी दिल्ली, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अधिकारी शामिल हैं। बेंच ने कहा कि हम संयुक्त कमेटी को इस मामले में ई-मेल द्वारा एक तथ्यात्मक तथा कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश देते हैं। समन्वय एवं अनुपालन की नोडल एजेंसी डीपीसीसी होगी। बेंच ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई 8 नवंबर को होगी।
एनजीटी शहर के निवासी एके मलिक की रोहिणी की सेक्टर-14 के जिला उद्यान में अग्रणी मातृ मंदिर को डीडीए द्वारा एक खुला पार्क आवंटित करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस कदम से स्थानीय लोगों के खुले क्षेत्र में जाने का अधिकार प्रभावित हुआ है और यह ध्वनि प्रदूषण का स्रोत भी बना हैं, क्योंकि यहां रात 10 बजे के बाद भी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया जाता है और डीजे भी बजता है।
एनजीटी ने इससे पहले डीपीसीसी को यह सुनिश्चित करने को कहा था कि राजधानी में किसी भी पार्क का उपयोग किसी सामाजिक, सांस्कृतिक, वाणिज्यिक तथा विवाह या अन्य कार्यों के लिए ना हो।

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