फिटनेस और ब्यूटी सेवाओं पर GST घटा, आम जनता को मिलेगी राहत

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 4, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- भारत सरकार ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में बड़ा सुधार करते हुए फिटनेस और ब्यूटी सेवाओं पर लगने वाला टैक्स घटा दिया है। अब जिम, योग केंद्र, हेल्थ क्लब, सैलून और बार्बर सेवाओं पर 18% की जगह सिर्फ 5% GST लगेगा। यह नई दर 22 सितंबर 2025 से लागू होगी। इस फैसले से न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि वेलनेस और पर्सनल केयर सेवाएं आम लोगों की पहुंच में अधिक आसानी से आ सकेंगी।

GST काउंसिल का फैसला
03 और 04 सितंबर को नई दिल्ली में हुई 56वीं GST काउंसिल की बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया। बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर ब्यूटी और फिजिकल वेल-बीइंग सेवाओं पर टैक्स दर घटाने का फैसला किया। खास बात यह है कि नई दर पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का झंझट नहीं होगा, जिससे इसका सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलेगा।

पर्सनल केयर उत्पाद भी होंगे सस्ते
सरकार ने रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले कई पर्सनल केयर उत्पादों पर भी टैक्स घटा दिया है। अब हेयर ऑयल, साबुन, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, टैल्कम पाउडर, फेस पाउडर, शेविंग क्रीम और आफ्टरशेव लोशन पर 18% की जगह केवल 5% GST लगेगा। इस कदम से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के मासिक खर्च में बड़ी बचत होगी।

उपभोक्ताओं को कैसे मिलेगा फायदा?
नए टैक्स ढांचे से उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी। जैसे, किसी जिम की मासिक फीस 10,000 रुपये है तो पहले उस पर 1,800 रुपये GST देना पड़ता था, लेकिन अब सिर्फ 500 रुपये ही देना होगा। यानी हर महीने 1,300 रुपये की सीधी बचत होगी। इसी तरह, सैलून में 1,000 रुपये के हेयरकट पर अब केवल 50 रुपये टैक्स लगेगा, जो पहले 180 रुपये था।

सरकार का उद्देश्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कहा था कि 2050 तक देश में लगभग 44 करोड़ लोग मोटापे से प्रभावित हो सकते हैं। इस संकट से निपटने के लिए फिटनेस सेवाओं और स्वास्थ्य से जुड़े उत्पादों पर टैक्स कम करना जरूरी है। इसी दिशा में सरकार ने यह कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि यह सुधार ‘नागरिक-केंद्रित’ है और इससे आम आदमी का मासिक खर्च कम होगा।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox