मानसी शर्मा /- कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी अपने एक भाषण को लेकर मुश्किलें में फंस गई है। उनके इस बयान को लेकर भाजपा विरोध कर रही है। साथ ही चुनाव आयोग ने उन्हें इसके जवाब के लिए नोटिस भी जारी कर दिया है। उन्होंने 30 अक्टूबर के शाम 5 बजे तक इसको जवाब मांगा है। अब ये क्या बयान था चलिए आपको बताते है।
प्रियंका गांधी को चुनाव आयोग का नोटिस
दरअसल प्रियंका गांधी ने हाल ही में दौसा में एक जनसभा को संबोधित किया था। जहां उन्होंने पीएम मोदी को लेकर एक बयान दिया। जिसको लेकर वह विवादों में घिर गई। इस बयान का भाजपा का विरोध कर रहा है। साथ ही चुनाव आयोग ने इसका जवाब भी मांगा है। बता दें कि प्रियंका गांधी ने अपने बयान में कहा कि कुछ दिन पहले मैंने टीवी देखा। अब मुझे नहीं पता ये झूठ है या सच। प्रधानमंत्री देवानारायण मंदिर मं गए थे और दानपात्र में एक लिफाफा डाला। लोग सोच रहे थे कि इसें क्यो होगा, लेकिन जब इसे खोला गया तो केवल 21 रूपये निकले।
30 तारीख तक मांगा इसका जवाब
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रही थी। जिसमें मंदिर का पुजारी ने एक लिफाफा खोलते देखा जा रहा था। वहीं दावा किया जा रहा था कि वह पीएम मोदी द्वारा दिया गया लिफाफा है। उस लिफाफा में केवल 21 रूपये ही थे। हालांकि ये बात सच है कि पीएम मोदी उस मंदिर में गए थे। लेकिन कहा जा रहा है कि पीएम मोदी ने मंदिर में कोई लिफाफा नहीं डाला था। उन्होंने कुछ नोट डाले थे। वहीं कुछ कह रहे है कि पीएम मोदी ने लिफाफा डाला था। अब इसके बारे में क्या सच्चाई है इसके बारे में तो जांच के बाद ही पता चलेगा।
इस मामले में कोई प्रियंका गांधी पर फेक न्यूज को फैसाने का आरोप लगा रही है। तो कोई इस दावा को सच बता रहे है। इसमें कितनी सच्चाई है इसके लिए तो जांच की जाएंगी। लेकिन इस मामले में प्रियंका गांधी मुश्किल में फंस गई है। उन्हें इसका जवाब देने का नोटिस मिला है।


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