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August 21, 2026

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प्रधानमंत्री मोदी ने किया कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- सेंट्रल विस्टा परियोजना के अंतर्गत कर्तव्य पथ पर निर्मित आधुनिक कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन आज दोपहर 12:15 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने भवन परिसर का अवलोकन किया और परियोजना के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे ‘नए भारत के प्रशासनिक ढांचे की नींव’ बताया। शाम 6 बजे प्रधानमंत्री कर्तव्य पथ पर एक सार्वजनिक सभा को भी संबोधित करेंगे।

एकीकृत प्रशासन के लक्ष्य की दिशा में कदम
कर्तव्य भवन-3 का निर्माण विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को एक ही स्थान पर लाने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है। इससे न केवल कार्यकुशलता में वृद्धि होगी, बल्कि हर वर्ष लगभग 1500 करोड़ रुपये के किराए की बचत भी सुनिश्चित होगी। यह भवन सरकार के गृह, विदेश, ग्रामीण विकास, पेट्रोलियम, एमएसएमई, कार्मिक मंत्रालय एवं प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के लिए तैयार किया गया है।

अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित भवन
1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला यह भवन दो बेसमेंट और सात मंजिलों वाला एक अत्याधुनिक परिसर है। इसमें कई पर्यावरण-अनुकूल और तकनीकी रूप से उन्नत सुविधाएं शामिल हैं, जैसे:

सोलर पैनल और ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन

स्मार्ट एंट्री सिस्टम और सेंसर-आधारित लिफ्टें

एलईडी लाइटिंग और ऊर्जा की 30% तक बचत

अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण संयंत्र

ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने वाली खिड़कियां

परियोजना की प्रगति और भविष्य की योजना
शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जानकारी दी कि कर्तव्य भवन-1 और 2 का निर्माण अगले महीने तक पूरा हो जाएगा, जबकि बाकी सात भवनों को अप्रैल 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य है। पूरी परियोजना की लागत लगभग 1000 करोड़ रुपये है।

पुराने भवनों का कायाकल्प और नया संग्रहालय
अब तक शास्त्री भवन, कृषि भवन जैसे 75 साल पुराने भवनों में चल रहे मंत्रालयों को चरणबद्ध ढंग से कर्तव्य भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को ‘युगे-युगीन भारत संग्रहालय’ में बदलने की योजना है, जो भारत की समृद्ध कला, संस्कृति और सभ्यता की झलक प्रस्तुत करेगा।

पुराने और जर्जर भवनों को तोड़कर नई व्यवस्था और बुनियादी ढांचा स्थापित किया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय राजधानी का प्रशासनिक स्वरूप अधिक आधुनिक और व्यवस्थित होगा।

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