मानसी शर्मा / – सेहतमंद खाना सभी के लिए आवश्यक है। लेकिन, भारत के तीन चौथाई लोग इसकी व्यवस्था करने में समक्ष नहीं हैं। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन की हाल में जारी रिपोर्ट से हुआ है। देश में साल 2020 में 76% लोग स्वस्थ खाने की व्यवस्था करने में असमर्थ थे। 2021 में मामूली सुधार के साथ 74% यानी 100 करोड़ से अधिक लोग सेहतमंद खाना वहन करने में परेशानी का सामना कर रहे थे। पड़ोसी पाकिस्तान में 82% को, जबकि बांग्लादेश में 66% लोगों को ऐसे हालात का सामना करना पड़ा।
पड़ोसी देशों की क्या हैं स्थिति?
स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रीशन 2023 शीर्षक से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि उस अवधि में खाद्य सामग्री की कीमतें जिस तेजी से बढ़ी, आय उसकी तुलना में नहीं बढ़ सकी। भारत में 2021 में प्रति व्यक्ति पौष्टिक खाने का रोजाना का खर्च करीब 250 रुपए था। बांग्लादेश में ये खर्च 267 रुपए, पाकिस्तान में इसकी लागत 325 रुपए थी। भूटान में लागत 441 रुपए, नेपाल में प्रति व्यक्ति सेहतमंद खाने की लागत 383 रुपए, श्रीलंका में 350 रुपए लागत थी।
वेस्टिंग के मामले में भी भारत में दर उच्चतम रही
2022 में बच्चों में वेस्टिंग के मामले में भारत में दर उच्चतम रही। यहां पांच साल से कम उम्र के 2.1 करोड़ (18.7%) बच्चे इस स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहे थे। भूटान में इस तरह के मामले नहीं मिले। जबकि, अफगानिस्तान में यह दर 3 लाख, बांग्लादेश में 14 लाख, ईरान में 3 लाख, नेपाल में 20 लाख, श्रीलंका में 3 लाख और पाकिस्तान में 21 लाख बच्चे इस स्थिति का सामना कर रहे थे।


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