नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का मंगलवार, 5 अगस्त 2025 को दिल्ली में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निजी सचिव केएस राणा ने उनके निधन की पुष्टि की। जैसे ही यह खबर सामने आई, पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।

लंबे समय से चल रहे थे बीमार
जानकारी के अनुसार, सत्यपाल मलिक को 11 मई 2025 को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें पहले मूत्राशय में संक्रमण (यूटीआई) हुआ था, जो बाद में उनकी किडनी तक फैल गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें ICU में भर्ती करना पड़ा। उनके निजी सचिव के अनुसार, मलिक की दोनों किडनियां काम करना बंद कर चुकी थीं और उन्हें नियमित डायलिसिस की जरूरत थी।
सत्यपाल मलिक का परिचय
सत्यपाल मलिक का जन्म 24 जुलाई 1946 को उत्तर प्रदेश के बागपत ज़िले के हिसावदा गांव में एक जाट परिवार में हुआ था। उन्होंने मेरठ विश्वविद्यालय से बी.एससी. और एल.एल.बी. की डिग्री हासिल की थी। छात्र जीवन में ही वे राजनीति में सक्रिय हो गए थे और 1968-69 में मेरठ विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए थे।
सत्यपाल मलिक का राजनीतिक सफर
मलिक का राजनीतिक करियर वर्ष 1974 में शुरू हुआ, जब वे बागपत से उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए। इसके बाद वे 1980 से 1989 तक राज्यसभा सदस्य रहे और 1989 में जनता दल के टिकट पर अलीगढ़ से लोकसभा सांसद बने। सत्यपाल मलिक को चार राज्यों – बिहार, जम्मू-कश्मीर, गोवा और मेघालय – का राज्यपाल नियुक्त किया गया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के अंतिम राज्यपाल के रूप में कार्य किया और उनके कार्यकाल में ही 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था। यह फैसला उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी राजनीतिक घटना के रूप में दर्ज है।


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