पार्थो घोष नहीं रहे: सस्पेंस और रोमांस के जादूगर ने कहा अलविदा

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पार्थो घोष नहीं रहे: सस्पेंस और रोमांस के जादूगर ने कहा अलविदा

अनीशा चौहान/-   आज बॉलीवुड का आसमान एक बार फिर उदास हो गया, जब उसका एक चमकता सितारा सदा के लिए बुझ गया। हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध निर्देशक पार्थो घोष का सोमवार सुबह मुंबई के मड आइलैंड स्थित आवास पर 75 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनके जाने की खबर ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री और लाखों प्रशंसकों को गहरे शोक में डुबो दिया है।

90 के दशक के सिने-संसार में बिखेरा था जादू
पार्थो घोष ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1985 में सहायक निर्देशक के रूप में की थी। लेकिन उन्हें असली पहचान मिली 1991 में आई सस्पेंस थ्रिलर ‘100 डेज’ से, जिसमें जैकी श्रॉफ और माधुरी दीक्षित ने मुख्य भूमिका निभाई थी। इस फिल्म की रहस्यमय कहानी और कसी हुई पटकथा ने दर्शकों को रोमांच से भर दिया था।

इसके बाद उन्होंने 1993 में ‘दलाल’ और 1996 में ‘अग्नि साक्षी’ जैसी हिट फिल्में दीं। ‘अग्नि साक्षी’ में नाना पाटेकर, जैकी श्रॉफ और मनीषा कोइराला की दमदार अदाकारी ने फिल्म को यादगार बना दिया। पार्थो घोष ने अपने करियर में सस्पेंस, ड्रामा और रोमांस पर आधारित 15 से अधिक फिल्में बनाई, जिनमें ‘तीसरा कौन’ और ‘मौसम इकरार के दो पल प्यार के’ जैसे नाम शामिल हैं।

ऋतुपर्णा सेनगुप्ता ने दी पुष्टि, बॉलीवुड ने दी श्रद्धांजलि
पार्थो घोष के निधन की जानकारी अभिनेत्री ऋतुपर्णा सेनगुप्ता ने दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, पार्थो दा एक असाधारण प्रतिभा और नेक दिल इंसान थे। उनके साथ काम करना हमेशा एक सीखने वाला अनुभव रहा। उनकी फिल्में आज भी दर्शकों के दिलों में बसी हैं। बॉलीवुड के कई सितारों ने भी सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया और उनकी सिनेमाई विरासत को नमन किया।

एक युग का अंत, लेकिन यादें रहेंगी ज़िंदा
पार्थो घोष भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी कहानियां, उनके किरदार और उनका सिनेमा हमेशा हमारे दिलों में ज़िंदा रहेगा। उन्होंने जिस तरह से भारतीय दर्शकों को सस्पेंस और भावना से भरपूर कहानियां दीं, वह आज भी मिसाल हैं।

पार्थो घोष को श्रद्धांजलि।
आपका सिनेमा अमर रहेगा।

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