पाकिस्तान ने ईरानी जनरल के परमाणु हमले वाले बयान को बताया झूठा, विदेश मंत्री इशाक डार ने दी सफाई

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पाकिस्तान ने ईरानी जनरल के परमाणु हमले वाले बयान को बताया झूठा, विदेश मंत्री इशाक डार ने दी सफाई

-सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मचा बवाल

अनीशा चौहान/-   पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार हाल ही में एक वायरल वीडियो को लेकर विवादों में आ गए हैं। इस वीडियो में दावा किया गया था कि अगर इज़रायल ईरान पर परमाणु हमला करता है, तो पाकिस्तान इज़रायल पर जवाबी परमाणु हमला करेगा। वीडियो में एक कथित ईरानी जनरल के हवाले से यह बात कही गई थी। वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पाकिस्तान की विदेश नीति को लेकर सवाल खड़े होने लगे।

विदेश मंत्री ने किया दावे का खंडन
सोमवार, 16 जून को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने संसद और सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर बयान जारी करते हुए इस वीडियो को “पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठा” करार दिया। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की परमाणु नीति वर्ष 1998 से अपरिवर्तित है और यह केवल आत्मरक्षा पर आधारित है।” डार ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान ने कभी भी किसी तीसरे देश की ओर से हमला करने या उसकी रक्षा करने की बात नहीं कही है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?
विवाद की शुरुआत 15 जून को हुई, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप वायरल हुई। इसमें एक कथित ईरानी जनरल यह दावा करता नजर आया कि पाकिस्तान ने तेहरान को भरोसा दिलाया है कि अगर इज़रायल ने ईरान पर परमाणु हमला किया, तो पाकिस्तान इज़रायल पर परमाणु हमला करेगा। यह बयान ऐसे समय आया, जब मध्य-पूर्व में इज़रायल और ईरान के बीच सैन्य तनाव अपने चरम पर है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस बयान को पाकिस्तान की परमाणु नीति के नजरिए से गंभीर बताया और इससे पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर सफाई देनी पड़ी।

पाकिस्तान की परमाणु नीति क्या कहती है?
पाकिस्तान ने 1998 में अपने परमाणु परीक्षण के बाद जो नीति घोषित की थी, वह है ‘न्यूनतम विश्वसनीय प्रतिरोध’ (Minimum Credible Deterrence)। इसका अर्थ है कि पाकिस्तान केवल तभी परमाणु हथियारों का प्रयोग करेगा, जब उस पर गंभीर खतरा हो या उसकी सुरक्षा खतरे में हो।

इशाक डार ने संसद में यह दोहराया कि पाकिस्तान की परमाणु नीति रक्षात्मक है और किसी तीसरे देश के लिए हस्तक्षेप करने की उसमें कोई जगह नहीं है।

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