पाकिस्‍तान के कार्यवाहक पीएम ने भी अलापा कश्मीर का राग

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 8, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

पाकिस्‍तान के कार्यवाहक पीएम ने भी अलापा कश्मीर का राग

-कश्मीर का मतलब युद्ध...? नही, हम शांतिपूर्ण वार्ता के इच्छुक, दोनों देशों के बीच शांति बेहद जरूरी

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/इस्लामाबाद/शिव कुमार यादव/- पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवार-उल-काकर ने भी अब कश्मीर का राग अलापा हैं। जियो न्‍यूज के एक कार्यक्रम में इंटरव्‍यू देते समय काकर ने भारत और पाकिस्‍तान के बीच शां‍ति पर जोर दिया है। लेकिन कश्मीर का नाम लेते हुए काकर ने भारत को दोषी ठहराया है।
              इंटरव्यू के दौरान पाकिस्तान के केयरटेकर पीएम अनवार-उल-काकर ने कहा है कि दोनों देशों के बीच शांति बेहद जरुरी है लेकिन भारत नहीं चाहता कि शांति स्थापित हो। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तरह ही शांति के लिए बातचीत की अपील की है। उन्होंने आगे अपने इंटरव्यू में कहा है कि संयुक्त राष्‍ट्र के प्रस्तावों के अनुसार कश्मीर समस्या का शांतिपूर्ण हल होना जरूरी है। साथ ही पाकिस्तान के कार्यवाहक पीएम ने कहा कि अगर दक्षिण एशिया में शांति का एक मौका अस्वीकार कर दिया जाता है तो यह न केवल भारत और पाकिस्तान बल्कि पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय होगा।

भारत के साथ युद्ध नहीं चाहता पाकिस्तान
काकर ने आगे कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और वह भारत के साथ युद्ध नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर को एक मूल मुद्दा कहना इस बात का मतलब नहीं है कि हम हमेशा भारत के साथ युद्ध चाहते हैं। उन्होंने आगे इस बात को स्वीकार किया कि भारत ने चार साल पहले यानी साल 2019 में जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया था, जिस वजह से दोनों देशो के बीच तनाव बढ़ा है।

9 मई की हिंसा पर भी बोले थे काकर
इससे पहले काकर ने देश में 9 मई को हुई हिंसा को लेकर भी बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा तख्तापलट और गृह युद्ध का एक प्रयास था। साथ ही उन्होंने कहा कि 9 मई की हिंसा में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और उनकी टीम को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी।
             गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने भी कहा था कि वो भारत से बातचीत के लिए तैयार हैं। मालूम हो कि शहबाज ने तब कहा था कि हम अपने उस पड़ोसी से भी बातचीत करना चाहते हैं, जिसके साथ हमने तीन जंग लड़ीं हालांकि उन्होंने भारत पर दोष मढ़ते हुए यह भी कहा था कि पड़ोसी देश इस गंभीर मुद्दे पर गंभीरता से बातचीत करे।  शाहबाज ने भी कहा था जंग से किसी मसले का हल नहीं निकल सकता।

कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाये गए हैं काकर
बता दें कि अनवर-उल-हक काकर को आगामी आम चुनाव होने तक देश का कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। उन्होंने बीते 14 अगस्त यानी पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी।  

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox