पश्चिमी विक्षोभ का असर: उत्तर भारत में ठंड तेज, पहाड़ों पर बर्फबारी, दिल्ली में सर्द हवाएं

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पश्चिमी विक्षोभ का असर: उत्तर भारत में ठंड तेज, पहाड़ों पर बर्फबारी, दिल्ली में सर्द हवाएं

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- पहाड़ों से मैदानों तक बढ़ी ठंड की मारउत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उससे जुड़ी चक्रवाती प्रणालियों के कारण पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक ठंड का असर तेजी से बढ़ रहा है। पहाड़ों से उतर रही सर्द हवाओं ने दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। राजधानी दिल्ली में ठंडी और शुष्क हवाओं के चलते सुबह-शाम कंपकंपी बढ़ गई है, जबकि लोगों को अचानक बदले मौसम का सामना करना पड़ रहा है।

पश्चिमी विक्षोभ बना मौसम बदलाव की वजह

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में मौसम के इस बदलाव के पीछे लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मुख्य कारण हैं। एक प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है, जिसका प्रभाव उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक देखा जा रहा है। इसके साथ ही ऊपरी वायुमंडल में मौजूद एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में बारिश और बर्फबारी की गतिविधियों को और बढ़ा सकता है। दिसंबर की शुरुआत के साथ ही पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के आसार तेज हो गए हैं, जबकि मैदानी इलाकों में शीतलहर और घने कोहरे की संभावना बनी हुई है।

हिमाचल में ठंड के बीच बर्फबारी के संकेत

हिमाचल प्रदेश में मौसम इस समय शुष्क लेकिन बेहद ठंडा बना हुआ है। राज्य के कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 5 से 7 दिसंबर के बीच चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों के ऊपरी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इससे तापमान में और गिरावट आने की आशंका जताई जा रही है।

कश्मीर-लद्दाख में शून्य से नीचे तापमान

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन को कठिन बना दिया है। कश्मीर घाटी के कई इलाकों में तापमान लगातार शून्य से नीचे बना हुआ है। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 4 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जबकि पहलगाम में यह माइनस 4.8 डिग्री तक पहुंच गया। लद्दाख के लेह में तापमान माइनस 9 डिग्री, कारगिल में माइनस 7.8 और नुब्रा घाटी में माइनस 7.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। इन क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है।

मैदानी राज्यों में शीतलहर का असर

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में शीतलहर का प्रभाव साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4–5 डिग्री नीचे दर्ज किया गया है, जिससे सर्दी का अहसास काफी बढ़ गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मैदानी इलाकों में ठंड और तेज हो सकती है। पंजाब और हरियाणा में भी ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है।

पूर्वी और मध्य भारत में भी बदलेगा मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान और झारखंड में शीतलहर जारी रह सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, हालांकि अगले 4 दिनों में तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। वहीं, पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में अगले 2 दिनों के भीतर तापमान गिरने के संकेत हैं। महाराष्ट्र और गुजरात में फिलहाल तापमान स्थिर रहने की संभावना है, लेकिन आगे चलकर हल्की गिरावट देखी जा सकती है।

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